Upcoming IPO: भारतीय शेयर बाजार में तीन बड़ी विदेशी कंपनियां लिस्टिंग की तैयारी कर रही हैं। इनमें बीयर बनाने वाली Carlsberg, शराब कंपनी Pernod Ricard और सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली The Coca-Cola Company शामिल हैं। तीनों कंपनियां अपने भारतीय कारोबार का IPO लाने की योजना पर काम कर रही हैं। हालांकि, तीनों की तैयारी अलग-अलग चरणों में है।
Carlsberg ने दाखिल किया DRHP
डेनमार्क की कंपनी Carlsberg इस मामले में सबसे आगे है। कंपनी ने 28 अक्टूबर को SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है। कंपनी के CFO Ulrica Fearn ने तीसरी तिमाही के नतीजों के दौरान इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अब संभावित निवेशकों के साथ बैठकें शुरू की जा रही हैं।
हालांकि, IPO की तारीख और साइज को लेकर कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। Carlsberg भारत में Tuborg, Carlsberg Elephant और Kronenbourg 1664 Blanc जैसे ब्रांड बेचती है।
Pernod Ricard को बोर्ड की मंजूरी का इंतजार
फ्रांस की शराब कंपनी Pernod Ricard भी भारतीय कारोबार का IPO लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, अभी कंपनी के बोर्ड से अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। कंपनी की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट माउव क्रोइजैट के मुताबिक, बोर्ड ने IPO की तैयारियां जारी रखने को कहा है।
सितंबर तिमाही में कंपनी की भारत में बिक्री 19% बढ़ी। Pernod Ricard के पास Absolut, Jameson, Chivas Regal और Ballantine's जैसे बड़े ब्रांड हैं।
Coca-Cola भी तलाश रही लिस्टिंग का रास्ता
अमेरिकी कंपनी Coca-Cola भी अपने भारतीय बॉटलिंग कारोबार को शेयर बाजार में लाने पर विचार कर रही है। इसके लिए Hindustan Coca-Cola Holdings (HCCH) के IPO की संभावना तलाशी जा रही है।
कंपनी के CFO जॉन मर्फी ने इसकी पुष्टि की है। जून में कंपनी ने BSE और NSE पर संभावित लिस्टिंग की शुरुआती तैयारी शुरू होने की जानकारी दी थी। हालांकि, अभी IPO की तारीख तय नहीं है। पिछले साल Jubilant Bhartia Group ने HCCH में 40% हिस्सेदारी खरीदी थी।
भारतीय बाजार पर विदेशी कंपनियों की नजर
भारत इन तीनों कंपनियों के लिए बड़ा बाजार है। Coca-Cola के लिए भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाजार है। वहीं, Pernod Ricard के लिए अमेरिका के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹27,445.80 करोड़ की बिक्री दर्ज की थी। दूसरी तरफ, Carlsberg का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 2.2% घटकर ₹8,708.8 करोड़ रहा।
इन प्रस्तावित IPO से विदेशी कंपनियों को भारतीय बाजार से पूंजी जुटाने और अपने कारोबार की वैल्यू सामने लाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, तीनों कंपनियों की लिस्टिंग अभी अंतिम मंजूरी और बाजार की हालात पर निर्भर करेगी।