Upcoming IPO: मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने 4 कंपनियों के आईपीओ को मंजूरी दे दी है। इनमें साई लाइफ साइंसेज (Sai Life Sciences), रूबिकॉन रिसर्च (Rubicon Research), मेटलमैन ऑटो (Metalman Auto) और सनाथन टेक्सटाइल्स (Sanathan Textiles) शामिल हैं। इसके अलावा, BMW Ventures ने आईपीओ का प्लान टाल दिया है और अपने ड्राफ्ट पेपर वापस ले लिए हैं। सेबी ने 31 अक्टूबर को इन सभी चार कंपनियों को ऑब्जर्वेशन लेटर जारी किए। ऑब्जर्वेशन लेटर जारी करने का मतलब है कि कंपनी अगले एक साल के भीतर अपना आईपीओ लॉन्च कर सकती है।
प्राइवेट इक्विटी फर्म TPG के निवेश वाली कंपनी साई लाइफ साइंसेज ने इस साल 29 जुलाई को आईपीओ कागजात दाखिल किए थे। इस पब्लिक इश्यू के तहत 800 करोड़ रुपये के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 6.15 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए होगी। OFS के हिस्से के रूप में टीपीजी एशिया और एचबीएम प्राइवेट इक्विटी इंडिया और प्रमोटर Sai Quest Syn द्वारा शेयरों बिक्री की जाएगी।
साई लाइफ एक कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन है, जो ग्लोबल फार्मास्युटिकल इनोवेटर कंपनियों और बायो टेक्नोलॉजी फर्म को सर्विस प्रोवाइड करती है। यह अपने कर्ज को चुकाने के लिए फ्रेश इश्यू से होने वाली आय में से 600 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अलावा, शेष फंड का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए होगा।
मेटलमैन ऑटो ने अपने आईपीओ के लिए 12 अगस्त को रेगुलेटर के पास ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। इसमें 350 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और प्रमोटरों द्वारा 1.26 करोड़ इक्विटी शेयरों का OFS शामिल है। एक्सिस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स मेटलमैन के इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर के रूप में काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली स्थित यह कंपनी 1986 में इनकॉर्पोरेट हुई है। कंपनी ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव सेक्टर्स में ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स को शीट मेटल, ट्यूबलर फैब्रिकेशन, मेटल फिनिशिंग और कंपोनेंट की असेंबली प्रोवाइड करती है। फ्रेश इश्यू से होने वाली आय का उपयोग पीथमपुर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में प्लांट और मशीनरी की खरीद, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
महाराष्ट्र स्थित फार्मास्युटिकल फॉर्म्यूलेशन कंपनी रूबिकॉन रिसर्च ने अपने आईपीओ के माध्यम से 1085 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें 500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और प्रमोटर जनरल अटलांटिक सिंगापुर आरआर पीटीई द्वारा 585 करोड़ रुपये का OFS शामिल है। इसका ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस 31 जुलाई को दाखिल किया गया था।
रुबिकॉन का मुकाबला सन फार्मा, अरबिंदो फार्मा, ज़ायडस लाइफसाइंसेज, स्ट्राइड्स फार्मा साइंस, डॉ रेड्डीज लैब्स और एलेम्बिक फार्मा जैसी कई लिस्टेड कंपनियों से होगा। पब्लिक इश्यू को संभालने वाले बुक रनिंग लीड मैनेजर एक्सिस कैपिटल, आईआईएफएल सिक्योरिटीज, जेएम फाइनेंशियल और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स हैं।
कंपनी कर्ज चुकाने के लिए फ्रेश इश्यू से होने वाली आय में से 310 करोड़ रुपये का इस्तेमाल करने जा रही है। शेष फंड का इस्तेमाल अज्ञात अधिग्रहणों और अन्य रणनीतिक पहलों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के माध्यम से इनऑर्गेनिक ग्रोथ के लिए किया जाएगा।
यार्न प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरर सनाथन टेक्सटाइल्स ने 20 अगस्त 2024 को तीसरी बार सेबी के पास अपने आईपीओ कागजात दाखिल किए थे। इस आईपीओ में 500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और प्रमोटरों द्वारा 300 करोड़ रुपये का OFS शामिल है।
मुंबई स्थित कंपनी कर्ज चुकाने के लिए नेट फ्रेश इश्यू फंड में से 375 करोड़ रुपये खर्च करने का इरादा रखती है। शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए खर्च होगी। डीएएम कैपिटल एडवाइजर्स और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज इस निर्गम के लिए मर्चेंट बैंकर के रूप में काम कर रहे हैं।
पटना स्थित लॉन्ग और फ्लैट स्टील प्रोडक्ट डिस्ट्रीब्यूटर BMW Ventures ने 28 अक्टूबर को अपना ड्राफ्ट पेपर वापस लेने का फैसला किया है। आईपीओ में 2.34 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू शामिल है। सारथी कैपिटल एडवाइजर्स इसके इश्यू का एकमात्र बुक रनिंग लीड मैनेजर है।