Valiant Laboratories का IPO तीसरे दिन फुली सब्सक्राइब हो गया। सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन तक यह इश्यू 72 प्रतिशत और पहले दिन 33 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था। 27 सितंबर को खुला यह इश्यू 3 अक्टूबर को क्लोज होगा, यानी निवेशकों के पास पैसा लगाने के लिए अभी और वक्त है। आईपीओ के तहत रखे गए 76.23 लाख शेयरों के मुकाबले अभी तक 1.11 शेयरों के लिए बोलियां मिली हैं। इस तरह इश्यू 1.46 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। इस आईपीओ में रिटेल इन्वेस्टर्स ने ज्यादा दिलचस्पी दिखाई और उनके लिए रिजर्व 35 प्रतिशत हिस्सा अभी तक 2.51 गुना सब्सक्राइब हुआ है। हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल्स के लिए रिजर्व 15 प्रतिशत हिस्सा 88 प्रतिशत और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व 50 प्रतिशत हिस्सा महज 5 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है।
Valiant Laboratories आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 133-140 रुपये प्रति शेयर है और 105 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। कंपनी की योजना इस इश्यू से 152.46 करोड़ रुपये जुटाने की है। इसमें से 45.74 करोड़ रुपये एंकर निवेशकों से जुटाए जा चुके हैं। आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हो रहे हैं। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 5 अक्टूबर को फाइनल होगा और फिर 9 अक्टूबर को BSE और NSE पर एंट्री होगी। इश्यू के लिए रजिस्ट्रार लिंक इनटाइम है।
कहां होगा पैसों का इस्तेमाल
इश्यू में 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 1,08,90,000 नए शेयर जारी होंगे। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल सब्सिडियरी वैलिएंट एडवांस्ड साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड (VASPL) का नया प्लांट लगाने, इस सब्सिडियरी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में होगा।
वैलिएंट लेबोरेटरीज लिमिटेड भारत की दिग्गज एक्टिव फार्मास्युटिकल इन्ग्रीडिएंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। इसका फोकस पेरासिटामोल API/बल्क ड्रग बनाने पर है। कंपनी को 40 वर्ष पूर्व साल 1980 में एक पार्टनरशिप फर्म के तौर पर शुरू किया गया था, जिसका नाम भारत केमिकल्स था। कुछ वर्षों के रिसर्च एंड डेवलपमेंट के बाद कंपनी ने पेरासिटामोल (API) की मैन्युफैक्चरिंग से फार्मा उद्योग में अपना सफर शुरू किया। बाद में पार्टनरशिप फर्म को Valiant Laboratories limited नाम से पब्लिक लिमिटेड कंपनी में बदल दिया गया।