Valiant Laboratories IPO: वैलिएंट लैबोरेटरीज का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आगामी 27 सितंबर को खुलेगा। यह एक स्पेशियलिटी केमिकल्स बनाने कंपनी है और वैलिएंट ऑर्गेनिक्स (Valiant Organics) की सब्सिडियरी फर्म है। IPO के जरिए कंपनी ने 1.08 करोड़ फ्रेश शेयरों को जारी करने की योजना बनाई है। यह आईपीओ 3 अक्टूबर 2023 को बंद होगा। वैलिएंट लैबोरेटरीज ने मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास आईपीओ के लिए रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) 18 सितंबर को जमा किए थे। इसके मुताबिक कंपनी एंकर निवेशकों के लिए इश्यू एक दिन पहले 26 सितंबर को खोलेगी।
IPO के लिए प्राइस बैंड का ऐलान आने वाले दिनों में किया जाएगा। इसकी पैरेंट कंपनी वैलिएंट ऑर्गेनिक्स का आईपीओ करीब 7 साल पहले आया था और अब यह अपनी सब्सिडियरी फर्म को अलग से लिस्ट कराने जा रही है। वैलिएंट ऑर्गेनिक्स का आईपीओ 2016 में SME रूट के जरिए आया था और इसका इश्यू प्राइस 220 रुपये था।
करीब 4 सालों के मजूबत परफॉर्मेंस के बाद, कंपनी के शेयरों को मुख्य BSE एक्सचेंज पर व्यापार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। वैलिएंट ऑर्गेनिक्स, आरती ग्रुप (Aarti Group) की कंपनियों का हिस्सा है, जो आरती इंडस्ट्रीज और आरती फार्मालैब्स जैसी कंपनियां चलाती है।
जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार प्रमोटरों के पास वैलिएंट ऑर्गेनिक्स में 38.37 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वैलिएंट लेबोरेटरीज के IPO को कंपनी के बोर्ड ने इस साल 30 जनवरी को मंजूरी दी थी। कंपनी की ओर सेबी को सौंपे गए ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट के आधार पर, प्रमोटर ग्रुप के पास वैलिएंट लेबोरेटरीज में 82.25 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
वैलिएंट लैबोरेटरीज एक एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API)/बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। इसका मुख्य ध्यान पैरासिटामोल को बनाने पर है। बल्ज ड्रग और API का इस्तेमाल तैयार दवाओं के लिए कच्चे माल के तौर पर होता है। कंपनी की स्थापना 1980 में मेसर्स भारत केमिकल्स के नाम से एक साझेदारी फर्म के रूप में हुई थी और 1982 के अंत में इसने पैरासिटामोल को बनाना शुरू किया था।