Veegaland Developers IPO: केरलम की दिग्गज रियल एस्टेट कंपनी वीगालैंड डेवलपर्स का ₹210 करोड़ आईपीओ पूरा भर चुका है लेकिन दो दिनों में QIB (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स) का हिस्सा आधा भी नहीं पर पाया। हालांकि अभी इसमें पैसे लगाने का मौका एक दिन और यानी 15 सितंबर को खुलेगा। ग्रे मार्केट में बात करें तो इसकी सेहत थोड़ी कमजोर हुई है। जब यह आईपीओ खुला था तो इसके शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹25 यानी 17.86% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर थे जबकि अब यह यह महज ₹15 यानी 10.71% रह गया है। वहीं आईपीओ खुलने से पहले तो इसकी जीएमपी ₹33 यानी 23.57% पर थी। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक किसी आईपीओ में निवेश से पहले ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर फैसला लेना चाहिए।
Veegaland Developers IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
वीगालैंड डेवलपर्स का ₹210 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 10 सितंबर को खुला था और 15 सितंबर तक खुला रहेगा। इस आईपीओ का प्राइस बैंड ₹130-₹140 और लॉट साइज 107 शेयरों का है। इस आईपीओ को अब तक निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला और अब तक ओवरऑल यह 1.25 गुना सब्सक्राइब हुआ। अब तक इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 0.49 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.01 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.78 गुना भरा है।
इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 1.50 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹119.83 करोड़ मौजूदा और आने वाले समय में मिलने वाले प्रोजेक्ट्स से जुड़े खर्चों और बाकी पैसे जमीन की खरीदारी और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे। इस आईपाओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 16 सितंबर को फाइनल होगा और फिर बीएसई-एनएसई पर 18 सितंबर को एंट्री होगी।
Veegaland Developers के बारे में
वीगालैंड डेवलपर्स रियल एस्टेट डेवलपमेंट बिजनेस में हैं। यह आवासीय, कमर्शियल और दोनों को मिक्स्ड इस्तेमाल वाले प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। यह प्रोजेक्ट्स का प्लानिंग से लेकर उनके पूरे डेवलपमेंट का काम संभावती है। कंपनी के प्रोजेक्ट्स की बात करें तो अब तक इसने 10 प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं तो 12 पर काम चल रहा है और 3 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू होना है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना करीब 84% की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹26.61 करोड़ और टोटल इनकम करीब 49% के सीएजीआर से ₹254.16 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹85.59 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹233.15 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।