Waree Energies IPO: सोलर पीवी मॉड्यूल्स बनाने वाली वारी एनर्जीज लिमिटेड का 4,321.44 करोड़ रुपये का IPO 21 अक्टूबर को खुल रहा है। इसमें 23 अक्टूबर तक पैसे लगाए जा सकेंगे। एंकर निवेशक 18 अक्टूबर को बोली लगा सकेंगे। IPO क्लोज होने के बाद BSE, NSE पर 28 अक्टूबर को शेयरों की लिस्टिंग पर अच्छा मुनाफा होने का अनुमान है। investorgain.com के मुताबिक, ग्रे मार्केट में वारी एनर्जीज के शेयर IPO के अपर प्राइस बैंड 1503 रुपये के ऊपर 1310 रुपये या 87.16% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। इस बेसिस पर शेयरों की लिस्टिंग 2813 रुपये के भाव पर हो सकती है।
ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है, जहां किसी कंपनी के शेयर उसकी लिस्टिंग तक ट्रेड करते हैं। Waree Energies IPO के लिए प्राइस बैंड 1427-1503 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 9 शेयर रखा गया है। IPO क्लोज होने के बाद अलॉटमेंट 24 अक्टूबर को फाइनल हो सकता है। वारी एनर्जीज के IPO में 3,600 करोड़ रुपये के 2.4 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। साथ ही 721.44 करोड़ रुपये के 48 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल होगा।
Waree Energies IPO का रिजर्व हिस्सा
कंपनी के प्रमोटर हितेश चिमनलाल दोशी, वीरेन चिमनलाल दोशी, पंकज चिमनलाल दोशी और वारी सस्टेनेबल फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड हैं। IPO में 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।
Waree Energies IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी ओडिशा में 6GW इनगॉट वेफर, सोलर सेल और सोलर पीवी मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने की लागत की आंशिक तौर पर फाइनेंसिंग और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
एक्सपर्ट्स की क्या है राय
Waree Energies के पास सोलर पीवी मॉड्यूल की एक बड़ी ऑर्डर बुक है, जिसमें घरेलू और निर्यात ऑर्डर के लिए 16.66 गीगावाट, फ्रैंचाइजी ऑर्डर और अमेरिका में स्थित इसकी सहायक कंपनी वारी सोलर अमेरिका इंक के लिए 3.75 गीगावाट के ऑर्डर शामिल हैं। एसबीआई सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स ने कंपनी के लिए निर्यात जोखिम पर रोशनी डाली है क्योंकि इसने वित्त वर्ष 2024 में निर्यात बिक्री से अपने रेवेन्यू का लगभग 58 प्रतिशत हासिल किया। यूएसए प्रमुख निर्यात बाजार के रूप में सामने आया। एसबीआई सिक्योरिटीज ने अपने रिसर्च नोट में कहा कि अमेरिकी बाजार से मांग में कोई भी मंदी कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। इसके अलावा, एक्सचेंज रेट्स में कोई भी उतार-चढ़ाव कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी को प्रभावित कर सकता है।
इसके अलावा कंपनी अपनी कच्चे माल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा, खास तौर पर सोलर सेल चीन और दक्षिण पूर्व एशिया के दूसरे देशों से आयात करती है। हालांकि, कंपनी के सीईओ अमित पैठणकर ने मनीकंट्रोल को बताया कि वारी एनर्जीज बैकवर्ड इंटीग्रेशन उपायों के जरिए आयात पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही है। रिसर्च नोट में कहा गया है कि चीन और दूसरे देशों से आयात पर कोई भी प्रतिबंध, साथ ही आयात शुल्क में बढ़ोतरी से कारोबार के मार्जिन पर काफी असर पड़ सकता है।
मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल ने Waree Energies IPO को 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है। केआर चोकसी फर्म ने निवेशकों को इस इश्यू को "सब्सक्राइब" करने की सलाह दी है।
Waaree Energies की वित्तीय स्थिति
वित्त वर्ष 2023-24 में Waaree Energies का रेवेन्यू 70% बढ़कर 11,632.76 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 6,860.36 करोड़ रुपये था। शुद्ध मुनाफा 155% की वृद्धि के साथ 1,274.38 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2023 में 500.28 करोड़ रुपये था। अप्रैल-जून 2024 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 3,496.41 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 401.13 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।