Zerodha के फाउंडर नितिन कामत ने आईपीओ से पहले एनएसई की जमकर की तारीफ, जानिए उन्होंने क्या कहा

जीरोधा के फाउंडर ने कहा कि यह जानने के बाद कि नई ब्रोकरेज फर्म के पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, एनएसई के अधिकारियों ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी। यह फीस 5 लाख रुपये थी। उन्होंने कहा है कि यह मदद के कई मामलों में से सिर्फ एक है

अपडेटेड Sep 12, 2026 पर 3:58 PM
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कामत ने यह स्पष्ट किया है कि उनके इस पोस्ट का मकसद एनएसई के आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह नहीं है।

एनएसई का आईपीओ खुलने से पहले जीरोधा के फाउंडर और सीईओ नितिन कामत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। उन्होंने इसमें बताया है कि जीरोधा के शुरुआती दिनों में किस तरह एनएसई ने ब्रोकरेज फर्म की मदद की थी। यहां तक कि एक्सचेंज ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी थी।

NSE के अधिकारियों ने दिया पूरा सहयोग

Nithin Kamath ने X पर अपने पोस्ट में कहा है कि जीरोधा के ब्रोकरेज फर्म बनने के फैसले की एक वजह एनएसई था। उन्होंने बताया है कि एनएसई के पास तब एक फ्री ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म होता था, जिसे ब्रोकर्स अपने क्लाइंट्स को ऑफर कर सकते थे। उन्होंने एनएसई के अधिकारियों की भी तारीफ की है। उन्होंने बताया है कि जब उन्होंने मेंबरशिप के लिए एक्सचेंज के अधिकारियों से बातचीत की, तब उनका व्यवहार काफी दोस्ताना था।


NSE ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी

जीरोधा के फाउंडर ने कहा कि यह जानने के बाद कि नई ब्रोकरेज फर्म के पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, एनएसई के अधिकारियों ने मेंबरशिप फीस तक माफ कर दी। यह फीस 5 लाख रुपये थी। उन्होंने कहा है कि यह मदद के कई मामलों में से सिर्फ एक है। दरअसल, एनएसई की तरफ से हर समय जीरोधा को मदद मिली।

तारीफ का मतल IPO में निवेश की सलाह नहीं है

कामत ने यह स्पष्ट किया है कि उनके इस पोस्ट का मकसद एनएसई के आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह नहीं है। लेकिन, उन्हें उम्मीद है कि यह इश्यू सफल रहेगा। उन्होंने यहां तक कहा है कि आज अगर जीरोधा है तो इसकी एकमात्र वजह एनएसई है। उन्होंने कहा है कि यह अकेली कंपनी है, जिसके लिए उनके मन में कृतज्ञता का भाव है।

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देश का मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर कई पश्चिमी देशों से बेहतर

उन्होंने देश में मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह सभवत: कई पश्चिमी देशों से आगे है। भारत में स्टॉक एक्सचेंज पहले लेवल के रेगुलेटर्स हैं। भारत में एक्सचेंज कई ऐसी जिम्मेदारियां संभालते हैं, जिसे दूसरे बाजारों में ब्रोकर्स संभालते हैं। उन्होंने कहा, "मैं कई बार यह सोचता हूं कि अगर ऐसा नहीं होता तो हमारे जैसे ब्रोकर्स का क्या हाल होता।"

रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व

NSE का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। एक्सचेंज ने प्रत्येक 1 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर के लिए 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट 8 शेयरों का होगा। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर यह आईपीओ 22,561.57 करोड़ रुपये का होगा। यह इंडिया का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ बनेगा। एक्सचेंज ने रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 फीसदी शेयर रिजर्व रखे हैं।

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