अपने सपनों का आशियाना हर व्यक्ति का सपना होता है। कौन नहीं चाहता कि उसका अपना घर हो ताकि वह सुकून से जीवन बिता सके और रेंट पर रहने के झंझट से छुटकारा मिले। लेकिन घर खरीदने का डिसीजन लेते समय गंभीर विचार-विमर्श की जरूरत होती है, क्योंकि घर खरीदना इंसान के जीवन के सबसे बड़े फैसलों में से एक होता है। होम लोन मुहैया कराने वाली कंपनी गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ मनीष शाह ने कहा, अगर आप भी घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो घर तलाशते समय ही होम लोन के विकल्पों पर भी रिसर्च करना शुरु कर दें। मनीष शाह ने होम लोन लेने में में किन बातों का ध्यान रखें इसके बारे में बताया। ये वो DOS and DONTS हैं, जिन पर Home Loan लेने से पहले विचार करना चाहिए।
अपनी पात्रता की जांच करें
होम लोन लेने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपको कितनी कीमत का घर खरीदना है और आप कितना डाउन पेमेंट कर सकते हैं। साथ ही आपको कितने लोन अमाउंट की जरूरत है। साथ ही आप इसका भी आकलन करें कि हर महीने आप कितना EMI चुकाने में सक्षम हैं। इसके लिए आप अपने वर्तमान मासिक दायित्वों और खर्च की एक सूची तैयार करें, ताकि आप हर महीने EMI का आराम से भुगतान कर सकें।
कम इंटरेस्ट रेट और जल्दी होम लोन मिले, इसके लिए आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर अच्छा होना चाहिए। होम लोन देने वाली कंपनियां आपके इनकम डॉक्यूमेंट और पहचान पत्र के आदार पर आपकी पात्रता का आकलन करते हैं और कुछ दिनों के भीतर जवाब देते हैं। कुछ कंपनियां तो 15 मिनट के अंदर डिजिटल तरीके से यह बता देती है कि आप लोन लेने के योग्य हैं या नहीं। आप अपनी पात्रता की जांच 2-3 होम लोन देने वाली कंपनियों से करा सकते हैं।
होम लोन लेने से पहले यह रिसर्च कर लें कि सबसे सस्ता होम लोन आपको किस फाइनेंस कंपनी से मिलेगा। साथ ही आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिस कंपनी से आप लोन ले रहे हैं वह लोन की पूरी अवधि के दौरान इंटरेस्ट रेट कम रखे। आप यह जांच करें कि होम लोन देने वाली कंपनी आपके डाउन पेमेंट को कुछ छोटे किस्तों में तोड़कर लंबे समय में भुगतान करने की अनुमति देते हैं या नहीं।
भुगतान की मात्रा और समय जितना अधिक होगा, आगे EMI की किस्त बनते समय आपको और सहूलियत मिलेगी। EMI राशि आपकी कुल आय के 45% से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर इंटरेस्ट रेट कम है और लोन पीरियड लंबा है तो आपकी EMI सस्ती होगी, लेकिन अवधि बढ़ने के साथ लोन अमाउंट बढ़ जाता है, जो आपको चुकाना होता है।
रीपेमेंट में फ्लैक्सिबिलिटी होनी चाहिए
आप जिस कंपनी से होम लोन ले रहे हैं वह लोन रीपेमेंट में फ्लैक्सिबिलिटी देता है या नहीं, यह जरूर सुनिश्चित करें। होम लोन लंबी अवधि के लिए लिया जाता है। कई बार, हमारी डिस्पोजेबल आय समय-समय पर बदलती रहती है। इसलिए होम लोन लेने में जिस कंपनी का चयन कर रहे हैं, वह आपकी क्षमता और जरूरत के हिसाब से EMI कम या ज्यादा करने की सहूलियत देता है या नहीं, यह देखना बहुत जरूरी है।
एग्रीमेंट पेपर को विस्तार से पढ़ना न भूलें
गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस के प्रबंध निदेशक और सीईओ मनीष शाह ने बताया कि होम लोन लेते वक्त एग्रीमेंट पेपर को विस्तार से पढ़ना न भूलें। साथ ही केवल ब्याज दर के आधार पर होम लोन देने वाली कंपनी को नहीं चुनें, क्योंकि ये अस्थायी दरें हैं जो धीरे-धीरे समय के साथ ऊपर जा सकती हैं। आपको हमेशा विश्वसनीत और प्रतिष्ठित लेंडर का चुनाव करना चाहिए, जो लोन पीरियड के दौरान इन परिवर्तनों को अपेक्षाकृत कम सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
इसके अलावा फाइनेंस कंपनी के डिजिटल कौशल और समस्याओं के समाधान की क्षमता को समझना और उसका मूल्यांकन करना भी जरूरी है। अपने फाइनेंस कंपनी के डिजिटल इकोसिस्टम हेल्प लेना कितना आसान है, इसकी जांच करें। क्योंकि जब भी आपको लोन स्टेटमेंट, बकाया, टॉप अप की जानकारी चाहिए होगी, तब आपको इसकी जरूरत होगी।
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