Lok Sabha Elections 2024: भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने शुक्रवार (10 मई) को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को 2024 के मौजूदा लोकसभा चुनावों में "बाधा डालने" का आरोप लगाते हुए फटकार लगाई। निर्वाचन आयोग ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का मतदान प्रतिशत आंकड़े पर विपक्षी नेताओं को लिखा गया पत्र पूर्वाग्रहपूर्ण विमर्श को आगे बढ़ाने का प्रयास है। वोटिंग परसेंटेज आंकड़े को लेकर अपने सहयोगी दलों को खड़गे द्वारा लिखे गए पत्र पर निर्वाचन आयोग ने कहा कि कांग्रेस के अतीत और वर्तमान के गैर-जिम्मेदाराना बयान परेशान करने वाले हैं।
निर्वाचन आयोग ने मिसमैनेजमेंट, मतदान प्रतिशत का आंकड़ा जारी करने में देरी संबंधी खड़गे (Mallikarjun Kharge) के आरोपों को खारिज कर दिया है। पोल पैनल कांग्रेस प्रमुख को जवाब देते हुए उनके आरोपों को निराधार और बिना तथ्य वाला बताया है।
खड़गे के पत्र पर संज्ञान लेते हुए ECI (Election Commission of India) ने कहा कि चल रहे चुनावों के बीच में वोटिंग परसेंटेज डेटा जारी करने के संबंध में ऐसे निराधार आरोप स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के संचालन में भ्रम, गलत दिशा और बाधाएं पैदा करने के लिए लगाए गए हैं।
चुनाव आयोग ने कहा कि बयान मतदाताओं की भागीदारी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं और राज्यों में बड़ी चुनाव मशीनरी को हतोत्साहित कर सकते हैं। आयोग ने कहा, सभी तथ्यों के बावजूद, कांग्रेस अध्यक्ष एक पक्षपातपूर्ण कहानी को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
खड़गे विपक्षी पार्टियों को लिखा था पत्र
चुनाव आयोग ने यह फटकार खड़गे के I.N.D.I.A. ब्लॉक सहयोगियों को लिखे पत्र के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने वोटिंग परसेंटेज डेटा में विसंगतियों का आरोप लगाया था और कहा था कि ECI की विश्वसनीयता अब तक के सबसे निचले स्तर पर है।
खड़गे ने 7 मई को इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A.) के घटक दलों के नेताओं को पत्र लिखकर निर्वाचन आयोग (ED) द्वारा जारी मतदान आंकड़ों में कथित विसंगतियों पर सवाल उठाए थे।
कांग्रेस प्रमुख ने अपने पत्र में I.N.D.I.A. के नेताओं से आग्रह किया कि वे ऐसी विसंगतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और हमारा एकमात्र उद्देश्य एक जीवंत लोकतंत्र की संस्कृति और संविधान की रक्षा करना है। उन्होंने पत्र में कहा, "हमें भारत के निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए और इसे जवाबदेह बनाना चाहिए।"
खड़गे ने कहा, "I.N.D.I.A. के तौर पर लोकतंत्र की रक्षा करना और निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र कार्यप्रणाली की रक्षा करना हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए। उपरोक्त सभी तथ्य हमें यह प्रश्न पूछने के लिए मजबूर करते हैं- क्या यह अंतिम परिणामों में गड़बडी करने का प्रयास तो नहीं है?"
कांग्रेस के अलावा कई विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग द्वारा मतदान के आंकड़े जारी करने में देरी को लेकर सवाल उठाए हैं। संसदीय चुनाव के तीसरे चरण में 7 मई को 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 93 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था।