प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अप्रैल को कर्नाटक के दावणगेरे में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कांग्रेस लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है, बल्कि उसका जोर एक-दूसरे को नीचा दिखाने पर है। गुटबाजी, भाई भतीजावाद और गलत नीतियों के कारण कांग्रेस युवाओं, किसानों और आम लोगों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उनके पास इस प्रोजेक्ट (प्रधानमंत्री) के लिए कोई नाम नहीं है। क्या यह देश कुछ ऐसा स्वीकार करेगा?
