भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 के मार्च तिमाही के जारी किये गये नतीजों के मुताबिक FY21 की अंतिम तिमाही में कंपनी का नेट लॉस (Net Loss) घटकर 1036.32 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि एक साल पहले समान अवधि में कंपनी का नेट लॉस 1532.18 करोड़ रुपये हा था।
FY21 के Q4 में BHEL के रेवेन्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही में BHEL की टोटल इनकम बढ़कर 7245.16 करोड़ रुपये हो गई जो एक साल पहले की समान तिमाही में केवल 5166.64 करोड़ रुपये रही थी।
BHEL का कंसोलिडेटेड नेट लॉस पूरे वित्त वर्ष यानी FY21 में बढ़कर 2699.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि कंपनी को FY20 में केवल 1468.35 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
वहीं, FY21 में कंपनी के रेवेन्यू में 20 प्रतिशत की कमी आई है। FY20 में कंपनी की टोटल इनकम 22,027.44 करोड़ रुपये थी जो FY21 में घटकर 17,657.11 करोड़ रुपये रह गई।
CLSA ने BHEL पर बिकवाली की सलाह दी है और उन्होंने इसके शेयर का लक्ष्य 40 रुपये तय किया है।
GS ने BHEL पर बिकवाली की सलाह दी है और उन्होंने इसके शेयर का लक्ष्य 23 रुपये तय किया है।
Kotak Inst Eqt की BHEL पर राय
Kotak Inst Eqt ने BHEL पर बिकवाली की सलाह दी है और उन्होंने इसके शेयर का लक्ष्य 34 रुपये तय किया है। उनके अनुसार 7.5 प्रतिशत EBITDA मार्जिन अनुमान से कम है। कंपनी ने नुकसान और डूबे कर्ज के लिए 1800 करोड़ की प्रोविजनिंग की है। कंपनी के तिमाही नतीजे कमजोर रहे हैं जबकि कंपनी को 1035 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। वहीं कंपनी के FY22 में मुनाफे में आने की उम्मीद नहीं है।