देश के वॉरेन बफेट कहे जाने वाले शेयर मार्केट के मशहूर इनवेस्टर राकेश झुनझुनवाला ने हाल के वर्षों में अपनी एसेट मैनेजमेंट फर्म रेयर एंटरप्राइसेज (Rare Enterprises) के जरिए प्राइवेट इक्विटी इनवेस्टमेंट भी बढ़ाया है। उनकी फर्म उस कंसोर्शियम का हिस्सा है जिसने कैडिला हेल्थकेयर की सब्सिडियरी, जायडस एनिमल हेल्थ एंड इनवेस्टमेंट्स (ZAHL) को लगभग 3,000 करोड़ रुपये में खरीदा है।
इस डील के बारे में झुनझुनवाला ने मनीकंट्रोल को बताया कि वह एक इनवेस्टमेंट में बाहरी मौकों को देखते हैं। उन्होंने कहा कि देश में दूध, फलों, सब्जियों और अंडे का उत्पादन अब अनाज से कहीं अधिक होता है।
उनका कहना था चकि देश में खेती की यील्ड काफी कम है लेकिन इसमें सुधार की काफी संभावना है। किसानों के लिए पशुपालन और पोल्ट्री अतिरिक्त आमदनी का एक बड़ा स्रोत हो सकता है। केंद्र सरकार भी इसे जानती है और उसने पशुपालन और पोल्ट्री से होने वाली आमदनी को बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं।
झुनझुनवाला ने बताया कि उन्हें इस सेगमेंट में बड़े अवसर दिख रहे हैं। प्रति व्यक्ति आमदनी बढ़ने पर प्रोटीन की खपत अधिक होती है। पशुओं और पोल्ट्री के लिए दवाओं की मांग प्रोटीन की खपत से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि इन सभी कारणों से उनका मानना है कि यह इनवेस्टमेंट अच्छा है। ZAHL भारत में इस सेगमेंट की सबसे बड़ी कंपनी है। इस बिजनेस में बड़ी संख्या में प्रोडक्ट्स और डिस्ट्रीब्यूशन की जरूरत होती है। इसमें उतरना आसान नहीं है।