चिदंबरम 26 अगस्त तक रिमांड पर, कांग्रेस ने निष्पक्षता पर उठाया सवाल

खुद जाने माने वकील रहे चिदंबरम की कानूनी दलीलें अबकी बार कोर्ट में असर नहीं दिखा रही हैं।

अपडेटेड Aug 23, 2019 पर 2:06 PM
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अदालत ने आज पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम को जमानत देने से इनकार कर दिया और सीबीआई को पूछताछ के लिए उन्हें रिमांड पर लेने की मंजूरी दे दी। कांग्रेस के नेता इसे बदले की कार्रवाई भी बता रहे हैं और ये भी कह रहे हैं कि सरकार मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है और ये सवाल भी कर रहे हैं कि क्या सरकार पार्टी का भेद भूलकर भ्रष्टाचार में शामिल सभी नेताओँ पर कार्रवाई करेगी?

खुद जाने माने वकील रहे चिदंबरम की कानूनी दलीलें अबकी बार कोर्ट में असर नहीं दिखा रही हैं। सीबीआई कोर्ट ने उन्हें 26 तारीख तक के लिए CBI रिमांड पर भेज दिया है। उनके काबिल वकीलों ने जोरदार तरीके से चिदंबरम को जमानत देने की दलील रखीं। खुद चिदंबरम ने भी अपना पक्ष रखा। रिमांड में लेने के लिए CBI ने दलील ये दी कि चिदंबरम जवाब देने में आना कानी कर रहे हैं और इसलिए उन्हें और वक्त चाहिए। अब जांच एजेंसी के पास पूछताछ के लिए 26 तारीख तक का वक्त है। हालांकि पूर्व वित्त मंत्री को कोर्ट ने कुछ रियायतें भी दी हैं।


कांग्रेस का कहना है कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से काम कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पिछले दो दिन में देश में टीवी चैनल्स के माध्यम से प्रजातंत्र की दिन दहाड़े और कभी-कभी रात को भी हत्या होते देखी क्योंकि मौजूदा बीजेपी सरकार ईडी और सीबीआई को अब व्यक्तिगत बदला लेने वाली एजेंसी में उन्होंने तब्दील कर दिया है।

वहीं, सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी का कहना है कि चिदंबरम के मामले में कानून अपना काम कर रहा है। ये कोर्ट का फैसला है हमारा फैसला नहीं है। बदले की राजनीति कैसे होती है? कोर्ट ने जमानत नहीं दी हम क्या कर सकते हैं। सरकार कोई फैसला नहीं ले रही।

लेकिन विपक्ष ये सवाल उठा रहा है कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष हैं तो फिर बीजेपी नेताओं के खिलाफ जांच में तत्परता क्यों नहीं दिखती है। इसमें वो मोदी सरकार में मंत्री किरण रिजिजू, रमेश पोखरियाल निशंक का नाम लेते हैं। कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले असम के मंत्री हेमंत बिस्व शर्मा और सारदा घोटाले में फंसे टीएमसी के नेता मुकुल रॉय पर भी विपक्ष सरकार से सवाल पूछ रहा है जो बाद में बीजेपी में शामिल हो गए। कुल मिलाकर पी चिंदबरम की गिरफ्तारी फिलहाल देश की सबसे दिलचस्प राजनीतिक कहानी बन गई है जिसमें अब CBI के साथ साथ कांग्रेस और BJP रोज कुछ ना कुछ जोड़ेंगे।

 


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