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इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, नाल्को पर NSE में F&O ट्रेड पर रोक

किसी स्टॉक में पोजिशन लिमिट 95 प्रतिशत से अधिक होने पर उस पर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस के लिए रोक लगती है
अपडेटेड Sep 07, 2021 पर 15:11  |  स्रोत : Moneycontrol.com

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने दो स्टॉक्स पर मंगलवार के लिए फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) के लिए रोक लगाई है। इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस और नेशनल एल्युमीनियम कंपनी (Nalco) की मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट (MWPL) 95 प्रतिशत से अधिक होने के कारण इन पर यह रोक लगाई गई है।


इन दोनों स्टॉक्स में डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स 95 प्रतिशत की MWPL लिमिट से अधिक हो गए हैं।


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देश की प्रमुख हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में शामिल इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस इंडियाबुल्स ग्रुप का हिस्सा है। कंपनी अफोर्डेबल हाउसिंग सेगमेंट में लोन देती है।


मिनिस्ट्री ऑफ माइंस के तहत आने वाली Nalco एक नवरत्न कंपनी है। कंपनी माइनिंग, मेटल और पावर के बिजनेस से जुड़ी है। इसमें सरकार की 51.28 प्रतिशत हिस्सेदारी है।


NSE की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि इन दोनों स्टॉक्स में क्लाइंट्स/मेंबर्स अपनी पोजिशंस घटाने के ललिए ही ट्रेड कर सकते हैं। इनमें ओपन पोजिशंस को नहीं बढ़ाया जा सकता और ऐसा करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।


किसी स्टॉक के F&O बैन के तहत होने पर उसमें कोई नई पोजिशंस की अनुमति नहीं होती। मार्केट वाइड पोजिशन लिमिट को स्टॉक एक्सचेंज तय करते हैं। यह उन कॉन्ट्रैक्ट्स की अधिकतम संख्या होती है तो किसी समय पर ओपन हो सकते हैं। इन्हें ओपन इंटरेस्ट भी कहा जाता है।


स्टॉक में यह लिमिट 95 प्रतिशत से अधिक होने पर उस पर F&O के लिए रोक लगा दी जाती है।


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