Rakesh Jhunjhunwala Investment: वॉरेन बफे ने एक बार कहा था कि जब सब बाजार में लालच दिखा रहे हों तो आप सावधान रहिए और जब बाजार में सावधानी बरत रहे हों तो आप लालची बनिए। भारत के वॉरेन बफे माने जाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने अप्रैल 2020 में अपना निवेश बढ़ाया था। यही वही दौर था जब बाजार कोरोनावायरस संक्रमण की मुश्किल से जूझ रहा था। मनीकंट्रोल की निशा पोद्दार को दिए इंटरव्यू में राकेश झुनझुनवाला ने इसका खुलासा किया है।
भारतीय बाजार पिछले साल अप्रैल से अब तक डबल हो चुका है। निफ्टी 50 31 मार्च 2020 को 8,597 के लेवल पर था जो 26 मई 2021 तक बढ़कर 15,301 के लेवल पर पहुंच गया है। यानी इस दौरान निफ्टी 50 में 78 फीसदी की तेजी देखी गई।
राकेश झुनझुनवाला ने कहा, "फाइनेंस के लिहाज से देखें तो Covid मेरे लिए बहुत लकी रहा। मैंने अप्रैल 2020 में बाजार के निचले लेवल से निवेश शुरू किया था। और आप जानती हैं लिक्विडिटी अभी अपने पीक पर है। डेट (Debt) में मेरा निवेश सबसे ज्यादा है और मैं इसमें और निवेश नहीं बढ़ाना चाहता हूं।"
झुनझुनवाला ने यह भी बताया कि उन्होंने फार्मा, टेलीकॉम, स्टील के साथ-साथ बैंकों में भी निवेश बढ़ाया है। वह कमोडिटी पर बुलिश है और उनका मानना है कि कमोडिटी साइकिल अगले 5 साल तक चलता रहेगा।
बाजार में तेजी के बाद झुनझुनवाला ने निवेशकों को चेताया था कि अगर आप तेजी में खरीदारी कर रहे हैं तो सावधान रहिए। साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि बाजार में पैसा बनाने का काफी मौका है लेकिन दिक्कत ये है कि भारतीयों को भारत पर ही भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा, "अगर भारतीय अपने देश पर भरोसा करेंगे तो वह ज्यादा अमीर बनेंगे।"
(नोट: राकेश झुनझुनवाला ने इंटरव्यू में शेयरों की जो लिस्ट बताई है और उनका असल इनवेस्टमेंट और ज्यादा हो सकता है। )
राकेश झुनझुनवाला ने बताया, "मैंने फार्मा में निवेश किया। बहुत बड़ी रकम टाटा स्टील और जिंदल स्टील में भी लगाया है। कमोडिटी में भी मैंने काफी निवेश किया है और कमोडिटी साइकिल अगले 5 साल तक चलती रहेगी।"
उन्होंने कहा कि कैश फ्लो के लिहाज से देखें तो कमोडिटी में वैल्यूएशन अभी कम है।
राकेश झुनझुनवाला ने सन फार्मा रिसर्च कंपनी (SPARC) और सरकारी बैंकों जैसे केनरा बैंक (Canara Bank) और SBI में निवेश किया।
केनरा बैंक और SBI दोनों का प्रॉफिट मार्च 2021 तिमाही में मजबूत रहा है। केनरा बैंक को चौथी तिमाही में 1011 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ है जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में उसे 3,259 करोड़ रुपए का लॉस हुआ था।
SBI ने भी मार्च तिमाही के नतीजों से बाजार को हैरान किया था। चौथी तिमाही में SBI का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 80 फीसदी तक बढ़ा है। इनकम और अदर इनकम बढ़ने से बैंक का मुनाफा बढ़ा था। इसके बाद कई फॉरेन ब्रोकरेज फर्म ने इसका टारगेट प्राइस बढ़ा दिया।
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