कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI की प्राइमरी मार्केट कमेटी देश में स्पेशल पर्पज एक्विजिशन कंपनियां (SPAC) शुरू करने की संभावना पर विचार कर रही है। SEBI के चेयरमैन अजय त्यागी ने FICCI की कैपिटल मार्केट कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कंपनियों की ओर से अनिवार्य डिस्क्लोजर को "पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता।"
उनका कहना था, "बहुत सी कंपनियों के डिस्क्लोजर में कुछ कमियां होती हैं। डॉक्यूमेंट्स का महत्व एनुअल रिपोर्ट जितना ही होता है। फाइनेंशियल रिजल्ट्स में ऐसी क्वालिटी होनी चाहिए जिसके इनवेस्टर्स हकदार हैं। कंपनियों को बड़े इवेंट्स की सही जानकारी देने के नियम का पूरी तरह पालन करना चाहिए।"
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त्यागी ने कहा कि फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) को कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़ी अपनी कोशिशों को बढ़ाना चाहिए।
SEBI के नियमों के तहत अभी SPAC की लिस्टिंग का प्रावधान नहीं है। ये कंपनियां इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के जरिए कैपिटल जुटाती हैं। इनका उद्देश्य बाद में किसी प्राइवेट बिजनेस का एक्विजिशन कर उसकी लिस्टिंग कराने का होता है।
अमेरिका में SPAC की बड़ी संख्या है। पिछले वर्ष अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंजों पर लगभग 250 SPAC लिस्टेड थी और इन्होंने लगभग 83 अरब डॉलर का फंड हासिल किया था।