NSDL ने अडानी ग्रुप के 43,500 करोड़ रुपये के शेयर्स रखने वाले 3 FPI के एकाउंट ब्लॉक किए

इन विदेशी पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स अब सिक्योरिटीज को खरीद या बेच नहीं सकेंगे। इनका ऑफिस मॉरीशस में है

अपडेटेड Jun 14, 2021 पर 4:29 PM
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नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने अडानी ग्रुप की चार कंपनियों में 43,500 करोड़ रुपये के शेयर्स रखने वाले तीन फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (FPI) के एकाउंट ब्लॉक कर दिए हैं। ये FPI हैं - अल्बुला इनवेस्टमेंट फंड, क्रेस्टा फंड और APMS इनवेस्टमेंट फंड। इनके एकाउंट 31 मई को यह उससे पहले फ्रीज किए गए थे।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इसका मतलब है कि ये FPI कोई नई सिक्योरिटीज को खरीद या बेच नहीं सकेंगे। एकाउंट को फ्रीज करने का कारण प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत फायदे वाले मालिकाना हक के बारे में जानकारी का पूरा खुलासा नहीं करना हो सकता है। इसमें कहा गया है कि आमतौर पर ऐसी कार्रवाई से पहले कस्टोडियन की ओर से क्लाइंट्स को चेतावनी दी जाती है। अगर फंड्स की ओर से नियमों का पालन नहीं किया जाता तो एकाउंट को ब्लॉक किया जाता है।

इस रिपोर्ट की मनीकंट्रोल पुष्टि नहीं कर सका है।

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ऐसी रिपोर्ट है कि ये तीन एकाउंट मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइ में हैं और इनके पास संयुक्त तौर पर अडानी एंटरप्राइसेज में 6.82 प्रतिशत, अडानी ट्रांसमिशन में 8.03 प्रतिशत, अडानी टोटल गैस में 5.92 प्रतिशत और अडानी ग्रीन में 3.58 प्रतिशत हिस्ससेदारी है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि मॉरीशस के ये तीनों फंड FPI के तौर पर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास रजिस्टर्ड हैं।


SEBI ने FPI के लिए नो युअर कस्टमर (KYC) डॉक्युमेंट्स को अपडेट किया था और नए नियमों का पालन करने के लिए पिछले वर्ष तक का समय दिया गया था।

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