10 जून 2011
वार्ता
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर के जिगना थाना क्षेत्र के दुबहां गांव में कल रात शादी समारोह में उस समय रंग में भंग पड़ गया, जब दूल्हे का काला रंग व नाटा कद देख दुल्हन भड़क उठी और शादी करने से इनकार कर दिया।
बाराती व परिजनों द्वारा काफी मान-मनौव्वल, इज्जत और बिरादरी आदि का वास्ता देने के बाद भी वह नहीं मानी, तो सुलह-समझौता से वर व कन्या पक्ष द्वारा लेन-देन करके आनन-फानन में बारात दूसरे गांव चली गई और वहां दूसरी लड़की से शादी रचाई गई।
दुल्हन को दूल्हे का श्याम रंग नहीं भाया, तो जहर खाया!
इलाहाबाद से रामराज बिंद के पुत्र लवकुश की बारात पूरे धूमधाम से दुबहां गांव के राजनाथ बिंद की पुत्री लालती से शादी के लिए यहां आई थी। द्वारचार आदि तक तो ठीक था पर जब दूल्हा फेरे लेने के लिए मण्डप में पहुंचा, तो दुल्हन को दूल्हे का रूप-रंग नहीं भाया और उसने शादी से साफ इनकार कर दिया।
दुल्हन के इस व्यवहार से सभी दंग हो गए। उसे मनाने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन उसने अपना निर्णय नहीं बदला। हारकर सुलह-समझौता कर दहेज खर्चे का आपस में लेन-देन कर लिया गया।
इसी बीच कुछ रिश्तेदारों ने दूल्हे के लिए दूसरी दुल्हन खोज निकाली।
निराश दूल्हा और बाराती पड़ोस के गांव पाठकबरी गाने-बाजे से पहुंचे, हालांकि दुल्हन पक्ष ने कोई तैयारी नहीं की थी; पर गांव और रिश्तेदारों के सहयोग से बारात का स्वागत किया गया। दूल्हा बगैर दूल्हन के बैरंग लौटने से बच गया।
