8 दिसंबर 2011


सीएनबीसी आवाज़


भारत में भी अब सीडीएस यानी क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप का कारोबार शुरू हो गया है। आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक इसकी शुरुआती डील में शामिल हुए हैं।


क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप के चलते कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट का विस्तार होगा। क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप के जरिए छोटी कंपनियों के लिए पूंजी जुटाना आसान हो जाएगा। क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप के तहत कंपनियों के बॉन्ड में निवेश करने वाले अपने जोखिम को हेज कर सकेंगे। हेजिंग करने के लिए निवेशक सीडीएस खरीदेंगे। ऐसे में पैसे डूबने पर सीडीएस बेचने वाला नुकसान की भरपाई करेगा।


क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप की शुरुआत बैंकिंग इंडस्ट्री के लिए अच्छा मौका साबित हो सकता है। दरअसल सीडीएस बेचने के कारोबार में अच्छा मार्जिन मिलता है। इसके अलावा बैंक कर्ज या बॉन्ड में निवेश को हेज भी कर सकेंगे। हेज करने की सूरत में पूंजी की जरूरत घटेगी। वहीं सीडीएस बेचने पर पूंजी का प्रावधान करना होगा। साथ ही सीडीएस के तहत हर तिमाही में मार्क टू मार्केट मुनाफा या घाटा बुक करना होगा।