स्टॉक ब्रोकिंग फर्म ग्रो (Groww) ने इस साल नवंबर 2024 तक 50 लाख यूजर्स जोड़े , जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले दोगुना है। बेंगलुरु की कंपनी ने 2023 में 24 लाख नए यूजर्स को जोड़ा था। ज्यादातर टॉप 10 ब्रोकर्स ने 2023 के मुकाबले इस साल बड़ी संख्या में यूजर्स को जोड़ा। हालांकि, 2024 में शेयर मार्केट की परफॉर्मेंस थोड़ी सुस्त रही है।
बेंगलुरु की कंपनी (Zerodha) ने 2024 में 14 लाख यूजर्स जोड़े, जबकि पिछले साल इसने 2 लाख यूजर जोड़े थे। देश की तीसरी सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म एंजेल वन (Angel One) ने इस साल 24 लाख नए यूजर्स जोड़े थे, जबकि 2011 में कंपनी के 11 लाख नए यूजर बने थे। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, देश की टॉप 3 ब्रोकर्स इकाइयों- ग्रो, जेरोधा और एंजल वन के पास नवंबर तक क्रमशः 1.3 करोड़, 81 लाख और 76 लाख ब्रोकर्स थे।
पिछले साल के आखिर में जेरोधा को पछाड़कर ग्रो सबसे बड़ी ब्रोकिंग कंपनी बन गई थी और इस साल मई में कंपनी के प्लेटफॉर्म पर एक्टिव ट्रेडर्स की कुल संख्या बढ़कर 1 करोड़ से भी ज्यादा हो गई थी। तीसरे नंबर पर एंजल वन (Angel One) है, जो जेरोधा के पीछे है। शेयर बाजार ने 2024 में तकरीबन 9 पर्सेंट का रिटर्न दिया, जबकि 2023 में इसका रिटर्न तकरीबन 20 पर्सेंट था। हालांकि, इस साल ब्रोकर्स के लिए नए निवेशकों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है।
एक प्रमुख डिस्काउंट ब्रोकिंग फर्म के सीईओ ने बताया, 'इस ट्रेंड से साफ है कि नए खिलाड़ी आक्रामक रूप से यूजर्स को आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। हम देख रहे हैं कि ग्रो, एंजल वन, एचडीएफसी सिक्योरिटीज और इंडियामनी जैसी ब्रोकिंग इकाइयां कस्टमर्स को मार्केटिंग के जरिये आकर्षित करने की कोशिश कर रही हैं।' कुल डीमैट खातों या निवेशकों की संख्या जहां तकरीबन 16 करोड़ है, वहीं यूनीक यूजर्स की संख्या तकरीबन 5 करोड़ है।
यहां तक कि अक्टूबर और नवंबर में जब बाजार इस साल के अपने निचले स्तर पर था, तो ब्रोकरेज इकाइयों के लिए ग्राहकों के जुड़ने का मामला 2023 के ज्यादातर महीनों से बेहतर था। टॉप 10 ब्रोकरेज इकाइयों के अन्य खिलाड़ियों में एचडीएफसी सिक्योरिटीज, एचडीएफसी स्काई, कोटक सिक्योरिटीज, SBICAP सिक्योरिटीज आदि शामिल हैं।