SME IPOs के लिए 2024 शानदार रहा है। SME IPO ने पिछले 5 साल में जितनी रकम नहीं जुटाई उतनी रकम इन्होंने 2024 में जुटाई है। साल 2024 में छोटे IPO का बड़ा धमाल देखने को मिला है। Primedatabase.com पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक साल 2019 में 51 आईपी से 624 करोड़ रुपए जुटाए गए थे। वहीं, 2020 में 27 SME IPO से 159 करोड़ रुपए, साल 2021 में 59 आईपी से 746 करोड़ रुपए, साल 2022 में 109 आईपी से 1875 करोड़ रुपए और साल 2023 में 182 आईपी से 4686 करोड़ रुपए जुटाए गए थे। वहीं, साल 2024 में अब तक 239 आईपीओ से 8700 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके हैं।
2024 में अब तक आए 239 आईपीओ से 8700 करोड़ रुपए की रकम जुटाई गई है। इनमें कुल 12.55 लाख करोड़ रुपए की बोली लगी थी। इस NACDAC इंफ्रा IPO ने सबसे बड़ा कमाल किया है। यह आईपीओ 2024 से सबसे ज्यादा 2,210 गुना सब्सक्राइब हुआ। इस IPO को 14,385 करोड़ रुपए की बोली मिली
SME IPOs: इनको सबसे ज्यादा बोली मिली
अब तक आए SME IPO में गणेश इंफ्रावर्ल्ड को 22,963 करोड़ रुपए की बोली मिली थी। वहीं, नेफ्रो केयर इंडिया को 20,068 करोड़ रुपए की बोलियां मिली थीं। जबकि, लक्ष्य पावरटेक को 19,493 करोड़ रुपए की बोली मिली थी। गणेश ग्रीन भारत को 19,230 करोड़ रुपए की और सहज सोलर को 17,799 करोड़ रुपए की बोली मिली थी। (Source: Chittorgarh)
SME IPOs: सबसे ज्यादा सब्सक्रिप्शन
सबसे ज्यादा सब्सक्रिप्शन वाले आईपीओ की बात करें तो NACDAC इंफ्रा का आईपीओ साइज 10 करोड़ रुपए था। यह 2210 गुना सब्सक्राइब हुआ था। HOAC फूड्स इंडिया का आईपीओ साइस 5.5 करोड़ रुपए था और ये 2014 गुना भरा था। हैम्प्स बायो का आईपीओ साइज 6.22 करोड़ रुपए था और ये 1057 गुना भरा था। के सी एनर्जी & इंफ्रा का आईपीओ साइज 15.9 करोड़ रुपए था और ये 1052 गुना भरा था। के सी एनर्जी & इंफ्रा का आईपीओ साइज 15.9 करोड़ रुपए था और ये 1052 गुना भरा था। टॉस द कॉइन का आईपीओ साइज 9.17 करोड़ रुपए था और ये 1026 गुना भरा था।
NACDAC इंफ्रा को 2210 गुना बोली मिली है। इसकी लिस्टिंग 24 दिसंबर को है। HOAC फूड्स इंडिया को 2014 गुना बोली मिली थी। इसकी लिस्टिंग 206 फीसदी प्रीमियम पर हुई थी। के सी एनर्जी & इंफ्रा को 1052 गुना बोली मिली थी। इसकी लिस्टिंग 366 फीसदी प्रीमियम पर हुई थी। टॉस द कॉइन को 1026 गुना बोली मिली थी। इसकी लिस्टिंग 90 फीसदी प्रीमियम पर हुई थी।
2024 के दमदार रिटर्न वाले SME IPOs
2024 के दमदार रिटर्न वाले SME IPOs पर नजर डालें तो ओवैस मेटल का इश्यू प्राइस 87 रुपए था। ये आईपी 221 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 1083 फीसदी रिटर्न दिया है। TAC इंफोसेक का इश्यू प्राइस 106 रुपए था। ये आईपी ओस 422 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 1013 फीसदी रिटर्न दिया है। ऑस्ट्रेलियन प्रीमियम सोल का इश्यू प्राइस 54 रुपए था। ये आईपी 464 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 870 फीसदी रिटर्न दिया है। एफकॉम होल्डिंग्स का इश्यू प्राइस 108 रुपए था। ये आईपी 303 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 746 फीसदी रिटर्न दिया है। एलपेक्स सोलर का इश्यू प्राइस 115 रुपए था। ये आईपी 324 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 692 फीसदी रिटर्न दिया है।
2024 के पैसा डुबाने वाले SME IPOs
2024 के पैसा डुबाने वाले SME IPOs पर नजर डालें तो MVK एग्रो फूड का इश्यू प्राइस 120 रुपए था। ये आईपी 8.46 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 67.5 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। बावेजा स्टूडियोज का इश्यू प्राइस 180 रुपए था। ये आईपी 2.62 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 63 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। फाइनलिस्टिंग्स टेक का इश्यू प्राइस 123 रुपए था। ये आईपी 37.44 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 60 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। फीनिक्स ओवरसीज का इश्यू प्राइस 64 रुपए था। ये आईपी 119.2 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 59 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। लामोसेक इंडिया का इश्यू प्राइस 200 रुपए था। ये आईपी 1.17 गुना भरा था। लिस्टिंग से अब तक इसने 55 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है।
SME IPOs: सेबी ने बदले नियम
सेबी ने SME IPO से जुड़े नियम सख्त कर दिए हैं। अब SME IPO के लिए मुनाफे की शर्त जोड़ी गई है। नई शर्त के मुताबिक आईपीओ लाने वाली कंपनी के लिए पिछले तीन में से 2 वित्त वर्ष में कम से कम 1 करोड़ रुपए का ऑपरेटिंग मुनाफा जरूरी होगा। इश्यू में ऑफर फॉर सेल का हिस्सा 20 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता। इसके साथ ही शेयरहोल्डर IPO में 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा नहीं बेच पाएंगे। प्रोमोटर MPC (Minimum Promoter Contribution) से ज्यादा हिस्सा IPO के एक साल बाद ही बेच पाएंगे।
SME IPOs में बड़े रिस्क भी होते हैं। इनका शेयरों में वॉल्यूम कम होता है। सीमित लोगों के पास ये शेयर होते हैं। ESM स्टेज 1 & 2 के ज्यादा IPO आते हैं। इनमें हेराफेरी की आशंका ज्यादा होती है। SEBI से और कड़े नियम संभव हैं।