Ola Electric Share Price: भाविश अग्रवाल की ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए करीब 780 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह रकम कंपनी की पहले घोषित 500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना से ज्यादा है।
Ola Electric Share Price: भाविश अग्रवाल की ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए करीब 780 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह रकम कंपनी की पहले घोषित 500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना से ज्यादा है।
कंपनी ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (QIBs) को 35.86 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 21.76 करोड़ इक्विटी शेयर आवंटित किए हैं।
किन निवेशकों ने हिस्सा लिया?
इस QIP में Goldman Sachs, BNP Climate Fund, Motilal Oswal Mutual Fund, Mirae Asset Mutual Fund, Kotak Mahindra Mutual Fund, JM Financial Mutual Fund और Baroda BNP Paribas Mutual Fund समेत कई बड़े निवेशकों ने निवेश किया।
इश्यू का भाव 35.86 रुपये प्रति शेयर रखा गया, जो SEBI के तय फ्लोर प्राइस 37.74 रुपये प्रति शेयर से 1.88 रुपये या 4.98% कम है।
QIP क्या होता है?
QIP एक ऐसा तरीका है, जिसके जरिए शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियां म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों, पेंशन फंड और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों को शेयर बेचकर पूंजी जुटाती हैं। इसमें आईपीओ जैसी लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता।
1 जून को खुला था इश्यू
ओला इलेक्ट्रिक ने 1 जून को QIP लॉन्च करने का ऐलान किया था। कंपनी की फंडरेजिंग कमेटी ने उसी दिन 37.74 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस मंजूर किया था।
कंपनी के मुताबिक, इश्यू 1 जून 2026 को खुला था। इसके लिए अक्टूबर 2025 में बोर्ड और नवंबर 2025 में शेयरधारकों से मंजूरी ली गई थी। फंडरेजिंग कमेटी ने पात्र संस्थागत निवेशकों के लिए शुरुआती प्लेसमेंट दस्तावेज और आवेदन फॉर्म को भी मंजूरी दी थी।
घाटा कम करने पर फोकस
यह फंड जुटाने की प्रक्रिया ऐसे समय में हुई है, जब कंपनी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और सुस्त बिक्री के बीच घाटा कम करने और कारोबार को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर 500 करोड़ रुपये रह गया, जो एक साल पहले 870 करोड़ रुपये था। यानी घाटे में सालाना आधार पर 42.5% की कमी आई। हालांकि दिसंबर तिमाही के 487 करोड़ रुपये के मुकाबले घाटा 2.7% बढ़ा है।
हालांकि, ओला का ऑपरेशनल रेवेन्यू 56.6% गिरकर 265 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 611 करोड़ रुपये था। वहीं दिसंबर तिमाही के 470 करोड़ रुपये के मुकाबले रेवेन्यू में 43.6% की गिरावट दर्ज की गई।
फंड जुटाने का पहला बड़ा कदम
ओला इलेक्ट्रिक के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद यह उसका पहला बड़ा इक्विटी फंड जुटाने का अभियान है। यह ऐसे समय में आया है, जब कई नई टेक कंपनियां विस्तार योजनाओं और पूंजी मजबूत करने के लिए संस्थागत निवेशकों से पैसा जुटा रही हैं।
ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों का हाल
Ola Electric Mobility का शेयर गुरुवार को 1.25% की गिरावट के साथ 43.29 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 18.26% चढ़ा है।
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