8th Pay Commission: 92% से 283% के बीच बढ़ेगी न्यूनतम बेसिक सैलरी? जानिए कितना फिटमेंट फैक्टर रख सकती है सरकार

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की नजर सिर्फ एक आंकड़े पर टिकी है- फिटमेंट फैक्टर। यही तय करेगा कि न्यूनतम बेसिक सैलरी 34,560 रुपये होगी या 68,940 रुपये। अलग-अलग संगठनों ने क्या मांग रखी है और सरकार किस विकल्प पर मुहर लगा सकती है, जानिए पूरी तस्वीर।

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 6:06 AM
8वें वेतन आयोग के तहत सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि मौजूदा पे मैट्रिक्स में भी बदलाव किया जाएगा।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। यही वो आंकड़ा है, जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे को नए बेसिक पे में बदला जाता है। सरकार आखिर में जो फिटमेंट फैक्टर तय करेगी, उसी से यह साफ होगा कि कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी।

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। इसके बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी। हालांकि 8वें वेतन आयोग के लिए सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है।

अलग-अलग संगठनों की अलग मांग

संगठन / समूह फिटमेंट फैक्टर की मांग संभावित न्यूनतम बेसिक सैलरी*
18,000 रुपये के मुकाबले बढ़ोतरी
कुछ एक्सपर्ट्स 1.92 34,560 रुपये 92.00%
ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) 3 54,000 रुपये 200.00%
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO) 3.25 58,500 रुपये 225.00%
जम्मू-कश्मीर के कर्मचारी संगठन 2.86 से 3.68 51,480 रुपये से 66,240 रुपये 186% से 268%
जम्मू-कश्मीर एम्प्लॉइज फेडरेशन 3.05 54,900 रुपये 205.00%
नेशनल काउंसिल-जेसीएम 3.83 68,940 रुपये 283%


* संभावित सैलरी की गणना मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये के आधार पर की गई है।

फिलहाल कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स समूहों और एक्सपर्ट्स की ओर से अलग-अलग सुझाव सामने आए हैं। कुछ एक्सपर्ट 1.92 फिटमेंट फैक्टर को व्यावहारिक मान रहे हैं। वहीं, कर्मचारी संगठन इससे कहीं ज्यादा बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं।

नेशनल काउंसिल-जेसीएम की कर्मचारी इकाई ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। यह अब तक सामने आई सबसे बड़ी मांगों में से एक है। वहीं नेशनल पेंशनर्स ऑर्गेनाइजेशन (NPO) ने 3.25 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) 3.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही है।

जम्मू-कश्मीर के कई कर्मचारी संगठनों ने 2.86 से 3.68 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि कर्मचारियों को महंगाई और बढ़ती जीवन लागत के हिसाब से राहत मिलनी चाहिए। दूसरी तरफ, पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का मानना है कि सरकार 1.92 फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दे सकती है।

न्यूनतम सैलरी कितनी हो सकती है?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। नया फिटमेंट फैक्टर तय होने के बाद इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अगर 1.92 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 34,560 रुपये हो जाएगी। 2.57 फिटमेंट फैक्टर होने पर यह 46,260 रुपये तक पहुंच सकती है।

वहीं 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर न्यूनतम बेसिक पे 51,480 रुपये होगी। अगर 3.0 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है तो यह 54,000 रुपये हो जाएगी। 3.25 फिटमेंट फैक्टर की स्थिति में न्यूनतम बेसिक सैलरी 58,500 रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं 3.68 फिटमेंट फैक्टर पर यह 66,240 रुपये और 3.83 फिटमेंट फैक्टर पर 68,940 रुपये तक पहुंच सकती है।

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पे मैट्रिक्स में भी होगा बदलाव

8वें वेतन आयोग के तहत सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि मौजूदा पे मैट्रिक्स में भी बदलाव किया जाएगा। सरकार जिस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देगी, उसके आधार पर सभी पे लेवल की बेसिक सैलरी दोबारा तय होगी।

इसके अलावा HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्तों की भी समीक्षा की जा सकती है। आमतौर पर वेतन आयोग लागू होने के समय महंगाई भत्ता (DA) बेसिक पे में जोड़ दिया जाता है और फिर उसकी गणना दोबारा शुरू होती है।

उदाहरण के तौर पर, अगर 7वें वेतन आयोग की तरह फिर से 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो 18,000 रुपये बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी की बेसिक पे बढ़कर करीब 46,260 रुपये हो सकती है। वहीं 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह बढ़कर करीब 68,940 रुपये तक पहुंच सकती है।

कब मिल सकता है फायदा?

8वें वेतन आयोग ने कर्मचारियों और संगठनों से सुझाव, ज्ञापन और प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 तक बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने 17 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना गया है।

हालांकि आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने और केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के बाद ही नई सैलरी लागू होगी। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आने की उम्मीद है। इसके बाद नई सैलरी का वास्तविक लाभ 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में मिल सकता है।

आखिर में क्या सबसे अहम है?

फिलहाल कर्मचारियों की नजर सिर्फ एक चीज पर टिकी है, और वह है फिटमेंट फैक्टर। यही तय करेगा कि 8वें वेतन आयोग के बाद सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी।

मौजूदा प्रस्तावों को देखें तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये से 68,940 रुपये के बीच पहुंच सकती है। अब सभी को सरकार के अंतिम फैसले का इंतजार है।

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