Warren Buffett: सिर्फ डिग्री नहीं दिलाएगी कामयाबी! वॉरेन बफे के 5 बड़े सबक याद रखना भी जरूरी
Warren Buffett: क्या सिर्फ डिग्री और अच्छे नंबर किसी छात्र को सफल बना सकते हैं? दुनिया के दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे ऐसा नहीं मानते। कॉलेज की दहलीज पर खड़े युवाओं के लिए उनके पांच सबक ऐसे हैं, जो करियर ही नहीं, पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकते हैं।
वॉरेन बफे अरबों डॉलर के मालिक हैं, लेकिन आज भी उसी घर में रहते हैं जिसे उन्होंने 1958 में खरीदा था।
Warren Buffett: मई में बोर्ड एग्जाम के नतीजे आ चुके हैं। अब कई घरों में कॉलेज एडमिशन, काउंसलिंग और नए शहर की तैयारियां चल रही हैं। बच्चे स्कूल की यूनिफॉर्म छोड़कर कॉलेज की दुनिया में कदम रखने वाले हैं। ऐसे समय में माता-पिता का पूरा ध्यान अच्छे कॉलेज और अच्छे कोर्स पर होता है। लेकिन एक सवाल शायद ही कभी पूछा जाता है कि क्या हमने बच्चों को सिर्फ अच्छे नंबर लाना सिखाया है या अच्छी जिंदगी जीना भी सिखाया है?
दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में से एक वॉरेन बफे ने कभी पैरेंटिंग पर कोई किताब नहीं लिखी। उन्होंने अपना जीवन निवेश और कारोबार में बिताया। लेकिन उनकी कई बातें ऐसी हैं जो सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बनने के लिए भी जरूरी हैं। कॉलेज जाने वाले हर युवा को ये पांच बातें जरूर जाननी चाहिए।
नाम सबसे बड़ी पूंजी
वॉरेन बफे कई बार कह चुके हैं कि पैसा खोया जाए तो उसे दोबारा कमाया जा सकता है, लेकिन खराब हुई प्रतिष्ठा को वापस पाना बहुत मुश्किल होता है। उनका मशहूर कथन है कि प्रतिष्ठा बनाने में 20 साल लग जाते हैं और उसे बर्बाद करने में सिर्फ 5 मिनट।
कॉलेज वह जगह है जहां आपका बच्चा पहली बार अपनी अलग पहचान बनाता है। वहां कोई नहीं जानता कि वह स्कूल में टॉपर था या औसत छात्र। लोग उसे उसके व्यवहार से पहचानेंगे। समय पर काम पूरा करना, वादा निभाना, अपनी गलती स्वीकार करना और ईमानदार रहना ऐसी आदतें हैं जो धीरे-धीरे एक मजबूत छवि बनाती हैं।
आज के दौर में लोगों की राय बहुत तेजी से बनती है। सीनियर, प्रोफेसर, इंटर्नशिप देने वाली कंपनी या भविष्य का नियोक्ता, सभी एक बात देखते हैं कि क्या इस व्यक्ति पर भरोसा किया जा सकता है। यही भरोसा आगे चलकर कई नए दरवाजे खोलता है।
खुद में निवेश करें
2019 में एक इंटरव्यू के दौरान बफे से पूछा गया कि किसी युवा का सबसे अच्छा निवेश क्या हो सकता है। उन्होंने शेयर बाजार या किसी कंपनी का नाम नहीं लिया। उनका जवाब था कि सबसे अच्छा निवेश खुद पर किया गया निवेश होता है।
आज हर साल लाखों छात्र एक जैसी डिग्रियां लेकर निकलते हैं। ऐसे में सिर्फ डिग्री किसी को अलग नहीं बनाती। असली फर्क उन अतिरिक्त चीजों से पड़ता है जो छात्र कॉलेज के दौरान सीखता है।
यह कोई नई भाषा हो सकती है, सार्वजनिक बोलने की कला हो सकती है, कोडिंग, डिजाइन या कोई दूसरी स्किल हो सकती है। बफे खुद आज भी रोज कई घंटे पढ़ते हैं। उनका मानना है कि ज्ञान चक्रवृद्धि ब्याज की तरह बढ़ता है। हर दिन थोड़ा-थोड़ा सीखना लंबे समय में बहुत बड़ा फायदा देता है।
दोस्त सोच-समझकर चुनें
एक बार किसी नौजवान ने बफे से पूछा कि सफल बनने का सबसे अच्छा तरीका क्या है। बफे ने जवाब दिया कि हमेशा उन लोगों के साथ समय बिताओ जो आपसे बेहतर हैं। धीरे-धीरे आप भी उनकी तरह बनने लगेंगे।
कॉलेज में दोस्त चुनने की आजादी मिलती है। यही वह समय होता है जब आसपास के लोग आपके सोचने और काम करने के तरीके को प्रभावित करते हैं। अगर दोस्त मेहनती, जिम्मेदार और सकारात्मक सोच वाले हैं तो उसका असर आप पर भी पड़ता है। लेकिन अगर संगत गलत हो तो उसका असर भी उतना ही तेजी से दिखाई देता है।
जो नहीं जानते, मान लें
बफे अक्सर 'सर्कल ऑफ कॉम्पिटेंस' की बात करते हैं। इसका मतलब है कि आपको यह साफ पता होना चाहिए कि आप क्या जानते हैं और क्या नहीं जानते।
कॉलेज के पहले साल में नए विषय, नए लोग और नई चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे माहौल में कई छात्र सब कुछ समझने का दिखावा करने लगते हैं। लेकिन असली सीख उसी को मिलती है जो खुलकर सवाल पूछता है।
बफे का मानना था कि किसी चीज को न जानना खतरनाक नहीं है, बल्कि उसे समझे बिना समझने का भ्रम पालना ज्यादा खतरनाक है। इसलिए अगर किसी विषय में दिक्कत हो तो दोबारा समझाने के लिए कहना कमजोरी नहीं है, बल्कि सीखने की पहली शर्त है।
खर्च पर लगाम रखें
वॉरेन बफे अरबों डॉलर के मालिक हैं, लेकिन आज भी उसी घर में रहते हैं जिसे उन्होंने 1958 में खरीदा था। यह उदाहरण उनकी सोच को समझाने के लिए काफी है।
कॉलेज के दौरान कई युवाओं को पहली बार अपना खर्च खुद संभालना पड़ता है। जेब खर्च, डिजिटल पेमेंट और आसान कर्ज की सुविधाएं खर्च करना बहुत आसान बना देती हैं। ऐसे में पैसों को संभालने की आदत बहुत जरूरी हो जाती है।
बफे हमेशा जरूरत और दिखावे के बीच फर्क समझने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि कर्ज का बोझ जितना कम होगा, जिंदगी उतनी आसान होगी। कॉलेज में की गई छोटी बचत भी भविष्य में बड़ी मदद बन सकती है।
असली विरासत
सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये है कि इन पांचों सबक का संबंध अमीर बनने से नहीं है। इनमें कहीं भी ज्यादा पैसा कमाने की बात नहीं की गई। इनका संबंध चरित्र, आदतों, ईमानदारी और समझदारी से है।
अच्छी पहचान, लगातार सीखने की आदत, सही दोस्तों का साथ, अपनी सीमाओं को समझने की क्षमता और पैसों को संभालने का अनुशासन ऐसी चीजें हैं जो जिंदगी भर साथ रहती हैं। कॉलेज की पढ़ाई कुछ साल में पूरी हो जाएगी, लेकिन ये सीखें उम्र भर फायदा देती रहेंगी। यही वह असली पूंजी है जिसे हर माता-पिता अपने बच्चों को दे सकते हैं।
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