29 नवंबर को एक ब्लॉक डील के जरिए फूड एग्रीगेटर Zomato के 3.4 प्रतिशत यानी लगभग 29.7 करोड़ शेयरों की बिक्री हुई है। यह बिक्री 112 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर हुई। यह प्राइस 28 नवंबर को Zomato के क्लोजिंग प्राइस 113.80 रुपये से 1 प्रतिशत कम है। शेयर बिक्री की कुल वैल्यू 3,326.4 करोड़ रुपये रही। कहा जा रहा है कि सेलर चाइनीज पेमेंट्स ग्रुप अलीपे (Alipay) हो सकती है। एक दिन पहले खबर आई थी कि Alipay ने Zomato में अपनी पूरी 3.4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। अलीपे ग्रुप का मालिकाना हक Ant Group के पास है। Ant Group, जैक मा के अलीबाबा ग्रुप का हिस्सा है।
सितंबर 2023 के आखिर तक के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, चीन के अलीबाबा ग्रुप की Antfin Singapore Holding Pte और Alipay Singapore Holding Pte के माध्यम से Zomato में 9.83 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इससे पहले जापान के सॉफ्टबैंक (SoftBank) ने अक्टूबर 2023 में ओपन मार्केट में Zomato में अपनी 1.1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। अगस्त में सॉफ्टबैंक ने ब्लॉक डील के जरिए Zomato में 940 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
ब्लॉक डील के बाद Zomato के शेयरों में करीब 5 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। बीएसई पर शेयर सुबह बढ़त के साथ खुला और फिर जल्द ही पिछले बंद भाव से करीब 5 प्रतिशत तक की तेजी के साथ 119.25 रुपये के हाई पर पहुंच गया। एनएसई पर शेयर 117 रुपये पर खुलकर 119.20 रुपये के हाई तक गया। कारोबार खत्म होने पर शेयर बीएसई पर 2.5 प्रतिशत की मजबूती के साथ 116.70 और एनएसई पर 3.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ 117.70 रुपये पर सेटल हुआ है। Zomato के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर बीएसई पर 126.10 रुपये और एनएसई पर 126.35 रुपये है। वहीं 52 सप्ताह का निचला स्तर बीएसई और एनएसई दोनों पर 44.35 रुपये है।
वित्त वर्ष 2023-24 की सितंबर तिमाही में Zomato को 36 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। वहीं रेवेन्यू 71 प्रतिशत बढ़कर 2,848 करोड़ रुपये रहा था। यह लगातार दूसरी तिमाही थी, जब कंपनी ने मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में Zomato को 302 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। और रेवेन्यू 1,661 करोड़ रुपये रहा था।