Aadhar Housing Finance: प्रमोटर ने पूरी हिस्सेदारी बेचकर किया एग्जिट, क्या अभी भी खरीदने लायक है शेयर?
Aadhar Housing Finance Share: आधार हाउसिंग फाइनेंस 20 प्रतिशत रेंज में लोन ग्रोथ हासिल करने के ट्रैक पर है। दिसंबर 2025 तक एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 28,790 करोड़ रुपये के थे। इसके कस्टमर्स में 55 प्रतिशत सैलरी वाले कस्टमर हैं
Aadhar Housing Finance की वैल्यूएशन FY28 की अनुमानित बुक वैल्यू का 1.9 गुना है।
बीते सप्ताह अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस मार्केट में बड़ी डील हुईं। ट्रू नॉर्थ फंड और एथर (मॉरिशस) ने होम फर्स्ट फाइनेंस में 5.4 प्रतिशत हिस्सा बेचा। वहीं आधार हाउसिंग फाइनेंस में एक प्रमुख प्रमोटर ने पूरी हिस्सेदारी बेचकर एग्जिट कर लिया। साथ ही एक नए बड़े शेयरहोल्डर की एंट्री हुई। एक मुख्य प्रमोटर BCP Topco VII ने अपनी 75.2 प्रतिशत की पूरी हिस्सेदारी बेच दी। लगभग 32.61 करोड़ शेयर 425 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बेचे गए। वहीं UAE की एक SPV (स्पेशल पर्पस व्हीकल) AXDI LDII ने 4.4 करोड़ शेयर या 10.2 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली।
आधार हाउसिंग फाइनेंस के ओनरशिप स्ट्रक्चर में हुआ यह बदलाव एक बड़ा डेवलपमेंट है। एक नए स्ट्रेटेजिक इनवेस्टर के आने से कंपनी के भविष्य के फैसलों और वित्तीय प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। कंपनी अभी अच्छा परफॉर्म कर रही है। स्टॉक ने पिछले एक साल में 17 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। इसे डिस्बर्समेंट, प्रॉफिटेबिलिटी और डिजिटल को अपनाए जाने में अच्छी ग्रोथ का सपोर्ट मिला है।
अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में आधार हाउसिंग फाइनेंस का स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 942.65 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 281.19 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। अप्रैल—दिसंबर 2025 की अवधि में RoA (रिटर्न ऑन एसेट) में सालाना आधार पर 10 bps का सुधार हुआ और यह 4.4 प्रतिशत हो गया।
दिसंबर 2025 तक आधार हाउसिंग फाइनेंस के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 28,790 करोड़ रुपये के थे। यह इस वक्त अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस स्पेस में सबसे बड़ी कंपनी है। यह मुख्य रूप से टियर 2 और टियर 3 शहरों के कस्टमर्स को सर्विस देती है। इसलिए ऐसा लगता है कि यह इस सेक्टर की अनुकूल परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में है।
प्रमोटर्स के एग्जिट के बाद क्या अभी भी खरीदने लायक है Aadhar Housing Finance?
प्रमोटर्स की ओर से की गई बड़ी बिकवाली के बाद निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत है। ऐसा इसलिए क्योंकि स्टॉक में शॉर्ट-टर्म में कुछ उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं। हालांकि, अनुमान है कि सप्लाई ओवरहैंग से जुड़ी अनिश्चितताएं कम होना स्टॉक के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर हो सकता है। लेकिन तभी जब आगे ब्लॉक डील या संभावित डाइल्यूशन से गिरावट का दबाव न हो। उम्मीद है कि कई ट्रिगर्स इस स्टॉक की रीरेटिंग को बढ़ावा दे सकते हैं। नवंबर 2025 में ICICI Securities ने शेयर के लिए 625 रुपये प्रति शेयर के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' रेटिंग दी थी।
इस वक्त हाउिसंग फाइनेंस कंपनियों (HFC) को बैंकों से भारी कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस (AHF) कंपनियां अभी भी अच्छी स्थिति में हैं। AHFs आम तौर पर 15 लाख रुपये तक के छोटे टिकट साइज के लोन देते हैं। ये HFCs में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सब-सेगमेंट है। CRISIL रेटिंग्स के अनुसार, FY25-26 में यह सेगमेंट 20-21 प्रतिशत की रेंज में बढ़ने वाला है। रेगुलेटरी कदमों के साथ-साथ कई सरकारी पहलें इस सेक्टर में ग्रोथ को बढ़ावा दे रही हैं।
अफोर्डेबल हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट में लोन ग्रोथ में कमी देखी गई क्योंकि लेंडर्स अंडरराइटिंग स्टैंडर्ड्स यानि कर्ज देने के नियम और जांच-प्रक्रिया को दोबारा तय कर रहे थे। मतलब कि किसे लोन दिया जाए, कितना दिया जाए और किन शर्तों पर दिया जाए। इसके बाद एसेट क्वालिटी पर दबाव दिखा, खासकर छोटे-टिकट वाले नॉन-हाउसिंग लोन्स में। लेकिन आधार हाउसिंग फाइनेंस ने पिछले एक साल में AUM में एक स्टेबल ग्रोथ दर्ज की। डिस्बर्समेंट में काफी सुधार हुआ। इसकी वजह एक सिक्योर्ड बिजनेस मिक्स, तुलनात्मक रूप से ज्यादा डायवर्सिफाइड ज्योग्राफिकल प्रेजेंस, 3.15 लाख से ज्यादा कस्टमर्स और एक अनुभवी बिजनेस मॉडल हैं।
20 प्रतिशत की रेंज में रह सकती है लोन ग्रोथ
आधार हाउसिंग फाइनेंस 20 प्रतिशत रेंज में लोन ग्रोथ हासिल करने के ट्रैक पर है। होम लोन और LAP (लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी) का मिक्स 73:27 है। AUM ग्रोथ मीडियम टर्म में 16-17 प्रतिशत रेंज में रहने की उम्मीद है। स्ट्रेटेजिक डायवर्सिफिकेशन के अलावा, कम रिस्क वाला एसेट मिक्स भी ग्रोथ में मदद करेगा। कंपनी की सिक्योर्ड लोन बुक, कम ज्योग्राफिकल रिस्क और बैलेंस्ड कस्टमर एक्सपोजर ने एसेट क्वालिटी को कंट्रोल में रखा है। इसके कस्टमर्स में 55 प्रतिशत सैलरी वाले कस्टमर हैं। इसलिए NPA यानि नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स का जोखिम कम है।
जैसे-जैसे कंपनी छोटे शहरों में और आगे बढ़ेगी, ऑपरेटिंग कॉस्ट को कंट्रोल में रखते हुए यील्ड धीरे-धीरे बेहतर होगी। नेट इंटरेस्ट मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है। लगातार ग्रोथ, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, स्थिर मार्जिन और कम क्रेडिट कॉस्ट RoA बढ़ाने में मदद करेंगे।
Aadhar Housing Finance की वैल्यूएशन FY28 की अनुमानित बुक वैल्यू का 1.9 गुना है। यह इसके कॉम्पिटीटर्स की तुलना में कम है। यानि कि कंपनी का शेयर अभी सस्ता माना जा रहा है और आगे इसमें बढ़त की गुंजाइश है। कंपनी के अच्छे रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो और बेहतर क्रेडिट प्रोफाइल को देखते हुए मौजूदा वैल्यूएशन ठीक-ठाक लगती है। निवेशकों को लॉन्ग टर्म के नजरिए से गिरावट पर स्टॉक में निवेश करना चाहिए।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।