राकेश झुनझुनवाला ने कहा था-हर साल शेयर बाजार में कमाई नहीं होती, जानिए इसका मतलब क्या है

शेयर बाजारों ने लंबे समय से निवेशकों को अच्छा रिटर्न नहीं दिया है। बीते डेढ़ साल से निवेशक बाजार से रिटर्न का इंतजार कर रहे हैं। इनमें कई ऐसे निवेशक हैं, जिन्होंने पहले कभी बाजार में गिरावट का लंबा दौर नहीं देखा है

अपडेटेड May 15, 2026 पर 7:40 AM
Story continues below Advertisement
सितंबर 2024 के अंत में शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। उसके बाद से शेयर बाजारों में गिरावट जारी है।

दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने शेयर बाजार में कई बड़े उतार-चढ़ाव देखे थे। उन्हें स्टॉक मार्केट्स की गजब की समझ थी। उनमें उन शेयरों को पहचानने की गजब की काबिलियत थी, जो बाद में मल्टीबैगर बनने वाले होते थे। इसके बावजूद उन्हें कई बार जीरो रिटर्न और नाममात्र के रिटर्न से संतोष करना पड़ा था।

हर साल शेयर बाजार से कमाई नहीं होती

झुनझुनवाला ने एक बार कहा था, "मैं हर साल बाजार से पैसे नहीं कमाता। मैंने 1989-92, 2003-07, 2009-2011 में पैसे कमाए। लेकिन, 1994-99 के बीच ट्रेडिंग से कोई इनकम नहीं हुई।" आज उनकी यह बात बहुत मायने रखती है, क्योंकि शेयर बाजार लगातार गिर रहा है। बीते डेढ़ साल से निवेशकों को बाजार से रिटर्न नहीं मिला है। इनमें कई ऐसे निवेशक हैं, जिन्होंने पहले कभी बाजार में गिरावट का लंबा दौर नहीं देखा है।


सितंबर 2024 के बाद से गिर रहा है बाजार

कोविड की शुरुआत के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बाजार में पैसे लगाने शुरू किए थे। तब कुछ ही महीने में बाजार में बड़ी रिकवरी आई थी। नए निवेशकों को अपने निवेश पर अच्छी कमाई हुई थी। सितंबर 2024 के अंत में शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए थे। उसके बाद से शेयर बाजारों में गिरावट जारी है। इसमें विदेशी फंडों की बिकवाली का बड़ा हाथ है।

बाजार सिर्फ एक दिशा में नहीं चलता है

शेयर बाजार में गिरावट से निराश निवेशकों को झुनझुनवाला की बात पर गौर करने की जरूरत है। शेयर बाजार एक दिशा में नहीं चलता है। बाजार अगर कुछ सालों में तेजी से बढ़ता है तो वह अगले कुछ सालों में तेजी से गिर भी सकता है। फिलहाल, शेयर बाजारों में गिरावट जारी है। बाजार दो कदम आगे बढ़ा रहा है फिर तीन कदम पीछे जा रहा है। इससे निवेशक मायूस है।

पहले भी बाजार ने कई बार नहीं दिया रिटर्न

दिग्गज फंड मैनेजर प्रशांत जैन का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं है कि भारतीय शेयर बाजार ने बीते दो सालों से रिटर्न नहीं दिया है। पहले भी ऐसा हो चुका है। लेकिन, अगर लंबे टाइमफ्रेम में देखा जाए तो बीच-बीच में गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार में बड़ा पैसा बना है। उन्होंने कहा कि अगर बीते 45 सालों के इतिहास को देखा जाए तो सेंसेक्स में 100 रुपये का निवेश 75,000 रुपये हो गए हैं। अगर इसमें डिविडेंड जोड़ दिया जाए तो यह करीब 1,20,000 रुपये हो जाता है।

यह भी पढ़ें: Share markets: इन 5 वजहों से आपको शेयर बाजार में निवेश का मौका चूकना नहीं चाहिए

लंबी अवधि के निवेशकों को गिरावट से परेशान नहीं होना चाहिए

उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में ऐसा समय आता है, जब पैसे नहीं बनते हैं। लंबी अवधि के निवेशकों को इससे परेशान नहीं होना चाहिए। सेंसेक्स के 47 सालों के इतिहास में 14 साल ऐसे हैं, जब मार्केट ने निगेटिव रिटर्न दिया। 5 सालों का एक ऐसा भी दौर थ, जब मार्केट ने रिटर्न नहीं दिया। एक बार तो निवेशकों को रिटर्न के लिए 10 साल तक इंतजार करना पड़ा था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।