इनवेस्टर्स जब मार्केट में गिरावट का हालिया दौर खत्म होने का अनुमान लगा रहे थे, तभी अमेरिका से आई एक खबर ने पूरा मामला खराब कर दिया। अमेरिका के एक कोर्ट में गौतम अदाणी पर घूस देने के एक मामले में शामिल होने के आरोप तय किए गए हैं। 21 नवंबर को इस खबर के आने के बाद हड़कंप मच गया। शेयर मार्केट्स में बड़ी गिरावट आई। खासकर अदाणी समूह की कई कंपनियों के स्टॉक्स में लोअर सर्किट लगा। इससे 2023 की शुरुआत में हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद अदाणी समूह की कंपनियों में आई गिरावट की याद ताजा हो गई।
25 करोड़ डॉलर घूस देने के आरोप
अमेरिका के एक कोर्ट में गौतम अदाणी (Gautam Adani), उनके भतीजे सागर अदाणी (Sagar Adani) और छह दूसरे लोगों पर 25 करोड़ डॉलर की घूस देने के मामले में आरोप तय किए गए हैं। आरोपों में कहा गया है कि इंडिया में एनर्जी प्रोजेक्ट्स हासिल करने के लिए यह घूस दी गई। इन प्रोजेक्ट्स से अदाणी को 20 साल के दौरान 2 अरब डॉलर का प्रॉफिट हो सकता था। अदाणी समूह ने तुरंत इन आरोपों का खंडन किया। इन्हें बेबुनियादी बताया। लेकिन, इस आरोप का बड़ा असर अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। शेयरों में बड़ी गिरावट की वजह से अदाणी समूह की कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.3 लाख करोड़ रुपये घट गया। पहले से ही बिकवाली दबाव का सामना कर रहे इंडियन मार्केट के लिए यह एक बड़ा झटका है।
पिछले साल की शुरुआत में भी अदाणी समूह को लगा था बड़ा झटका
इससे पहले हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट आने के बाद अदाणी समूह की कंपनियों के स्टॉक्स क्रैश कर गए थे। हालांकि, उसके बाद कई कंपनियों के स्टॉक्स काफी हद तक रिकवर हो चुके हैं। इनवेस्टर्स की नजरें अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों पर लगी हैं। वे जानना चाहते हैं कि क्या इस झटके का असर कुछ समय तक रहेगा या यह लंबे समय परेशान करने वाला दर्द साबित हो सकता है। कई मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह मामला चिंता बढ़ाने वाला है। लेकिन, बर्नस्टीन इंडिया जैसे विदेशी ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इसका स्टॉक मार्केट पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
पेटीएम की पेरेंट कंपनी के शेयर 21 नवंबर को 3.7 फीसदी चढ़कर 866 रुपये पर बंद हुए। इसकी वजह बर्नस्टीन इंडिया की रिपोर्ट है। इस विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने One97 Communications के शेयरों का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया है। उसने कहा है कि पेटीएम कर्ज देने के लिए अपने पैसे का इस्तेमाल कर सकती है। उसने पेमेंट मार्जिन भी बढ़ने की उम्मीद जताई है। कंपनी की EPS में 100 फीसदी इजाफा देखने को मिल सकता है। अगर आगे स्थितियां अनुकूल नहीं रहती है तो ईपीएस के अनुमान में 40 फीसदी कमी आ सकती है। उधर, रेगुलेटरी एक्शन पर भी कंपनी का प्रदर्शन निर्भर करेगा।
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इडियन होटल्स कंपनी का स्टॉक 21 नवंबर को 4.2 फीसदी गिरकर 785 रुपये पर बंद हुआ। इसकी वजह जेफरीज की रिपोर्ट है। उसने Indian Hotels Company के शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 900 रुपये कर दिया है। बुल्स का कहना है कि कंपनी ब्रांड पोर्टफोलियो का विस्तार करना चाहती है। कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड (ROCE) 20 फीसदी से ज्यादा है। होटल इंडस्ट्री में कंपनी का मार्जिन सबसे ज्यादा है। कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू दोगुना हो गया है। कंपनी अपने पोर्टफोलियो में 700 प्रॉपर्टीज जोड़ने जा रही है। हालांकि, TajSATS के कंसॉलिडेशन का असर मार्जिन पर पड़ सकता है। इस साल यह स्टॉक 80 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है।