Adani Ports Bid For Evos Terminals Acquisition: अदाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी 'अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन' (APSEZ) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने पोर्ट और टर्मिनल कारोबार को तेजी से बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ग्लोबल स्तर पर अपने पैरों पसारते हुए अदाणी पोर्ट्स ने पैन-यूरोपीय लिक्विड स्टोरेज और टर्मिनल ऑपरेटर 'इवोस टर्मिनल्स' (Evos Terminals) का अधिग्रहण करने के लिए करीब 3 अरब यूरो की बाइंडिंग ऑफर पेश की है।
मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की बढ़ती चिंताओं के बीच गौतम अदाणी की अगुवाई वाली यह कंपनी यूरोप के बाजार में अपनी पकड़ को बेहद मजबूत करना चाहती है।
क्या है इवोस टर्मिनल्स का बिजनेस और क्षमता?
इग्नियो इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स के मालिकाना हक वाली इवोस टर्मिनल्स यूरोप की सबसे बड़ी और प्रमुख लिक्विड स्टोरेज कंपनियों में गिनी जाती है। इवोस के पास यूरोप के 5 प्रमुख देशों के 7 बंदरगाहों पर कुल 8 बड़े टैंक टर्मिनल्स हैं। इन सभी की कुल भंडारण क्षमता 6.4 मिलियन क्यूबिक मीटर है। साल 2025 में इस कंपनी का अनुमानित EBITDA 200 मिलियन यूरो रहा था, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाता है।
दुनिया के दिग्गजों से है कड़ी टक्कर
अदाणी पोर्ट्स ने यह बाइंडिंग ऑफर इसी हफ्ते एक कड़े कॉम्पिटेटिव ऑक्शन के तहत सबमिट किया है। इस मेगा डील को हथियाने की रेस में दुनिया के कई जाने-माने ग्लोबल इन्वेस्टर्स और फंड्स शामिल हैं, जिनमें KKR, EQT, मैक्वेरी, गोल्डमैन सैक्स अल्टरनेटिव्स, ब्लैकराॅक और सीपीपी इन्वेस्टमेंट्स जैसे नाम बड़े हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले कुछ हफ्तों में इस पूरी डील पर अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।
यूके डील के बाद ग्लोबल एक्सपेंशन पर फोकस
अदाणी पोर्ट्स का यह विदेशी विस्तार प्लान हाल ही में उस घटना के तुरंत बाद आया है, जिसमें कंपनी को यूके-बेस्ड 'एसोसिएटेड ब्रिटिश पोर्ट्स' (ABP) की बिड में सुपरएनुएशन फंड IFM के हाथों पीछे हटना पड़ा था।
कंपनी प्रबंधन ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि वह अपने वैश्विक विस्तार रणनीति के तहत दुनिया भर की करीब 20 रणनीतिक परिसंपत्तियों (पोर्ट्स और टर्मिनल्स) का बारीकी से मूल्यांकन कर रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में कंपनी का दबदबा और बढ़ सके।