21 साल बाद छोड़ दी Aditya Birla Sun Life AMC, सीआईओ महेश पाटिल का इस्तीफा

Aditya Birla Sun Life AMC CIO Resigns: ₹4.5 लाख करोड़ के AUM (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) वाली बिड़ला ग्रुप की एसेट मैनेजमेंट कंपनी आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के सीआईओ महेश पाटिल ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने 21 साल बाद कंपनी छोड़ी है। जानिए वह अब कहां जाने वाले हैं और उनके बाद कंपनी में जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है?

अपडेटेड Jan 09, 2026 पर 10:20 AM
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दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनी आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) महेश पाटिल ने इस्तीफा दे दिया है। वह 21 साल बाद कंपनी छोड़ रहे हैं।

Aditya Birla Sun Life AMC CIO Resigns: दिग्गज एसेट मैनेजमेंट कंपनी आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) महेश पाटिल ने इस्तीफा दे दिया है। वह 21 साल बाद कंपनी छोड़ रहे हैं। अब ₹4.5 लाख करोड़ का एसेट्स मैनेज करने वाले महेश ने एक लिंक्डइन पोस्ट में इस्तीफे का ऐलान किया है। हालांकि उन्होंने आगे की योजनाओं के बारे में खास खुलासा तो नहीं किया लेकिन यह जरूर कहा कि व्यक्तिगत लक्ष्यों के लिए अब वह अगली पीढ़ी की लीडरशिप को जिम्मेदारी सौंपेंगे। महेश पाटिल के बाद हरीश कृष्णन को सीआईओ-इक्विटी, कौस्तुभ गुप्ता को सीआईओ-फिक्स्ड इनकम और Sunaina da Chuna को को-सीआईओ (डेट) के तौर पर जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। महेश पाटिल ने भरोसा जताया है कि नई लीडरशिप टीम निवेशकों की उम्मीदों को पूरा करेगी और कंपनी को आगे बढ़ाएगी।

31 साल की Aditya Birla Sun Life AMC में 21 साल काम किए महेश पाटिल ने

महेश पाटिल ने आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी और आदित्य बिड़ला ग्रुप के साथ अपने जुड़ाव को प्रिविलेज यानी काफी खास बताया। इस्तीफे के ऐलान के साथ महेश पाटिल ने कंपनी की लीगसी और वैल्यू का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 2025 में एएमसी ने 30 साल पूरे किए। यानी कि 31 साल की इस एएमसी में महेश पाटिल ने 21 साल तक काम किया और अब जाकर इसे छोड़ रहे हैं।


ऐसा रहा है कैरियर

अपने कैरियर को लेकर महेश पाटिल ने कहा कि यह पैशन और अनुशासन से भरा रहा जिसमें कई मार्केट साइकिल का सामना करना पड़ा। महेश पाटिल का परफॉरमेंस कैसा रहा, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि वह नवंबर 2005 से आदित्य बिड़ला सन लाइफ लॉर्ज कैप फंड (पूर्व नाम फ्रंटलाइन इक्विटी फंड) को मैनेज कर रहे हैं और ₹31 हजार करोड़ के एयूएम वाला यह फंड 20-साल के परफॉरमेंस पीरयड में अपनी कैटेगरी में टॉप पर है। उनका कहना है कि फंड मैनेजमेंट अकेले का नहीं बल्कि सबका मिला-जुलाकर होने वाला काम है।

महेश पाटिल ने अपनी अपनी सफलता का श्रेय टीमवर्क और मेंटरशिप को दिया खासतौर से कंपनी के सीईओ ए बालासुब्रमणियन को। उन्होंने जिक्र किया कि पिछले साल 2025 के आखिरी में इसके अधिकतर फंड्स एक साल की अवधि में टॉप 2 क्वार्टाइल्स में रहे यानी कि अपनी-अपनी कैटेगरी में टॉप के दो में रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि लॉन्ग टर्म में बेहतर रिजल्ट के लिए निवेश का तरीका सॉलिड रहना चाहिए और इसे लेकर उन्होंने 20 साल से अधिक के ट्रैक रिकॉर्ड वाले कंपनी के कई फंडों का उदाहरण भी दिया जिसने निवेशकों की पूंजी रॉकेट की स्पीड से बढ़ाई है।

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