क्या आपको होम लोन जल्द चुकाने के लिए ईपीएफ के पैसे का इस्तेमाल करना चाहिए?

होम लोन का इंटरेस्ट रेट दूसरे लोन के मुकाबले कम होता है। लेकिन, दूसरे लोन और होम लोन के बीच बड़ा फर्क यह है कि यह लंबी अवधि का लोन है। आम तौर पर लोग 15-20 साल के लिए होम लोन लेते हैं। इसलिए सस्ता होने के बावजूद इस दौरान इंटरेस्ट के रूप में लाखों रुपये ग्राहक की जेब से निकल जाते हैं

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 9:49 PM
Story continues below Advertisement
एंप्लॉयी जितने लंबे समय तक ईपीएफ में कंट्रिब्यूशन करता है, यह रिटायरमेंट फंड उतना ज्यादा बढ़ता है।

ईपीएफ में जमा पैसा एंप्लॉयी के रिटायरमेंट के बाद काम आता है। एंप्लॉयी जितने लंबे समय तक ईपीएफ में कंट्रिब्यूशन करता है, यह रिटायरमेंट फंड उतना ज्यादा बढ़ता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईपीएफ के पैसे को निकालने से बचना चाहिए। इसकी वजह यह है कि इसका सीधा असर रिटायरमेंट बाद की एंप्लॉयी की वित्तीय स्थिति पर पड़ता है। सवाल है कि क्या ईपीएफ के पैसे का इस्तेमाल होम लोन को तय समय से पहले बंद कराने के लिए किया जा सकता है?

होम लोन का इंटरेस्ट रेट दूसरे लोन से कम

होम लोन का इंटरेस्ट रेट दूसरे लोन के मुकाबले कम होता है। लेकिन, दूसरे लोन और होम लोन के बीच बड़ा फर्क यह है कि यह लंबी अवधि का लोन है। आम तौर पर लोग 15-20 साल के लिए होम लोन लेते हैं। इसलिए सस्ता होने के बावजूद इस दौरान इंटरेस्ट के रूप में लाखों रुपये ग्राहक की जेब से निकल जाते हैं। इसलिए कई लोग ईपीएफ के पैसे का इस्तेमाल कर इस लोन को तय समय से पहले बंद कराना फायदेमंद समझते हैं।


ईपीएफ का इंटरेस्ट रेट होम लोन से ज्यादा

एक्सपटर्स का कहना है कि अगर इंटरेस्ट रेट की तुलना की जाए तो होम लोन के इंटरेस्ट रेट और ईपीएफ के इंटरेस्ट रेट में काफी फर्क दिखता है। होम लोन का इंटरेस्ट रेट घटकर औसत 7.5 फीसदी पर आ गया है। इसके मुकाबले ईपीएफ पर सालाना 8.25 फीसदी इंटरेस्ट मिलता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाले ऑप्शन से पैसा निकालकर कम इंटरेस्ट रेट वाले लोन को बंद कराना समझदारी नहीं है। कई लोग सिर्फ इसलिए विकल्प के बारे में सोचते हैं, क्योंकि वे होम लोन से आजादी चाहते हैं।

ईपीएफ की तुलना दूसरे इनवेस्टमेंट से नहीं की जा सकती

एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईपीएफ की तुलना निवेश के किसी दूसरे विकल्प से नहीं की जा सकती। इसकी वजह यह है कि इसका व्यक्ति की जिंदगी में दूसरे तरह का महत्व है। इससे रिटायरमेंट पर व्यक्ति को एकमुश्त बड़ा फंड मिल जाता है। इस पर उसे कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ता है। रिटायरमेंट के बाद जब बैंक अकाउंट में हर महीने सैलरी आनी बंद हो जाती है तो यह पैसा बहुत काम आता है।

होम लोन की लायबिलिटी धीरे-धीरे कम होती जाती है

होम लोन एक ऐसी लायबिलिटी है, जो धीरे-धीरे कम होती जाती है। एंप्लॉयी की सैलरी हर साल बढ़ती है। ऐसे में शुरुआती सालों में होम लोन की EMI ज्यादा लग सकती है, लेकिन कुछ सालों के बाद कुल इनकम में उनकी हिस्सेदारी काफी कम रह जाती है। कई लोग होम पर टैक्स डिडक्शन क्लेम करते हैं। उनके लिए तो होम लोन को तय समय से पहले बंद कराना नुकसान का सौदा हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईपीएफ की बजाय होम को तय समय से पहले चुकाने के लिए किसी दूसरे पैसे का इस्तेमाल किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: Tax old regime vs new regime: इनवेस्टमेंट प्रूफ सब्मिट करते समय एंप्लॉयीज को किस ऑप्शन को सेलेक्ट करना चाहिए?

होम लोन जल्द बंद कराने के दूसरे तरीके का इस्तेमाल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप होम लोन को जल्द बंद कराना चाहते हैं तो कुछ साल बाद आप बैंक से बातकर अपनी EMI बढ़ाने को कह सकते हैं। कुछ सालों में इंक्रीमेंट की वजह से आपकी सैलरी बढ़ जाएगी। इससे कुल इनकम में होम लोन की हिस्सेदारी कम हो जाएगी। आप अगर होम लोन की EMI बढ़ाते हैं तो आपका लोन तय समय से काफी पहले खत्म हो जाएगा। इससे इंटरेस्ट के रूप में होने वाला आपका काफी पैसा बच जाएगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।