IPO Listings: 239 रुपये का शेयर ₹191 पर हुआ लिस्ट, पहले ही दिन निवेशकों को 20% का घाटा

Admach Systems IPO Listings: एडमैक सिस्टम्स के शेयरों की लिस्टिंग निराशाजनक रही। कंपनी के शेयर आज 31 दिसंबर को BSE SME प्लेटफॉर्म पर 191.20 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए। यह इसके 239 रुपये के आईपीओ प्राइस से करीब 20 फीसदी कम है। यानी आईपीओ निवेशकों को पहले ही दिन करीब 20 प्रतिशत का नुकसान हुआ। इस कमजोर शुरुआत के साथ कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 129.50 करोड़ रुपये रहा

अपडेटेड Dec 31, 2025 पर 11:00 AM
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Admach Systems IPO Listings: एडमैक सिस्टम्स का आईपीओ पिछले हफ्ते 23 से 26 दिसंबर के बीच बोली के लिए खुला था

Admach Systems IPO Listings: एडमैक सिस्टम्स के शेयरों की लिस्टिंग निराशाजनक रही। कंपनी के शेयर आज 31 दिसंबर को BSE SME प्लेटफॉर्म पर 191.20 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए। यह इसके 239 रुपये के आईपीओ प्राइस से करीब 20 फीसदी कम है। यानी आईपीओ निवेशकों को पहले ही दिन करीब 20 प्रतिशत का नुकसान हुआ। इस कमजोर शुरुआत के साथ कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 129.50 करोड़ रुपये रहा।

ग्रे मार्केट के अनुमान के उलट रही लिस्टिंग

एडमैक सिस्टम्स की लिस्टिंग ग्रे मार्केट की उम्मीदों पर भी खरी नहीं उतरी। लिस्टिंग से पहले अनलिस्टेड मार्केट में कंपनी के शेयर आईपीओ कीमत से करीब 4 से 5 फीसदी प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। Investorgain और IPO Watch जैसे प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, लिस्टिंग से पहले इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगभग 4.6–5 फीसदी बताया जा रहा था। लेकिन इसके बावजूद लिस्टिंग पर शेयर भारी डिस्काउंट के साथ खुले, जिससे निवेशकों को झटका लगा।

Admach Systems का IPO


एडमैक सिस्टम्स का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) पिछले हफ्ते 23 से 26 दिसंबर के बीच बोली के लिए खुला था। कंपनी ने इस इश्यू के जरिए कुल 42.60 करोड़ रुपये जुटाए, जो पूरी तरह से 18 लाख नए शेयरों के फ्रेश इश्यू के जरिए आए थे। आईपीओ का प्राइस बैंड 227 रुपये से 239 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था।

निवेशकों को न्यूनतम 1,200 शेयरों के लिए बोली लगानी थी, जिसके लिए ऊपरी प्राइस बैंड पर करीब 2.87 लाख रुपये का निवेश जरूरी था। इसके बाद बोली इसी लॉट साइज के मल्टीपल्स में लगाई जा सकती थी।

IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल

कंपनी ने अपने ऑफर डॉक्यूमेंट में बताया था कि आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से विस्तार और कारोबारी जरूरतों के लिए किया जाएगा। इसमें से लगभग 16.47 करोड़ रुपये नई मशीनरी की खरीद और इंस्टॉलेशन के लिए पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) पर खर्च किए जाएंगे। वहीं, करीब 15.50 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे। बाकी राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

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