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Stock market : दो दिनों की मुनाफावसूली के बाद सेंसेक्स-निफ्टी में फिर लौटी तेजी, लार्जकैप स्टॉक्स की चमक बढ़ी

Stock market : विश्लेषकों का मानना है कि दो दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार के कारोबार में तेजी एक 'सामान्य' बात है और उम्मीद है कि मजबूत फंडामेंटल्स के चलते नियर टर्म में ये तेजी बरकरार रहेगी। वेंचुरा सिक्योरिटीज के विनीत बोलिंजकर का कहना है कि अक्टूबर के बाद से, दो दिनों की गिरावट के बाद बाजार में तेजी आ रही है। उन्हें उम्मीद है कि यह तेजी अगले कुछ कारोबारी सत्रों में भी जारी रहेगी

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 04, 2024 पर 12:18 PM
Stock market : दो दिनों की मुनाफावसूली के बाद सेंसेक्स-निफ्टी में फिर लौटी तेजी, लार्जकैप स्टॉक्स की चमक बढ़ी
Stock market : विश्लेषकों को उम्मीद है कि मजबूत फंडामेंट्ल्स के के चलते शॉर्ट टर्म में बाजार में तेजी बरकरार रहेगी

Stock market : दो दिनों की मुनाफावसूली के बाद, घरेलू बाजार 4 जनवरी को सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करते दिख रहे हैं। बाजार को आज बजाज ट्विन्स, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे लार्जकैप में आई खरीदारी से सपोर्ट मिला है। सुबह 11.45 बजे के आसपास बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स 466.85 अंक यानी 0.65 फीसदी की बढ़त के साथ 71,812.23 पर दिख रहा था। जबकि एनएसई निफ्टी 128 अंक यानी 0.59 फीसदी की बढ़त के के साथ 21,642.90 के स्तर पर दिख रहा था।

विश्लेषकों का मानना है कि दो दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार के कारोबार में तेजी एक 'सामान्य' बात है और उम्मीद है कि मजबूत फंडामेंटल्स के चलते नियर टर्म में ये तेजी बरकरार रहेगी। वेंचुरा सिक्योरिटीज के विनीत बोलिंजकर का कहना है कि अक्टूबर के बाद से, दो दिनों की गिरावट के बाद बाजार में तेजी आ रही है। उन्हें उम्मीद है कि यह तेजी अगले कुछ कारोबारी सत्रों में भी जारी रहेगी। उनका मनना है कि हमें मिडकैप और स्मॉलकैप से लार्जकैप में सेक्टोरल रोटेशन देखने को मिल रहा है।

पिछले कुछ दिनों में ग्लोबल बाजारों में कुछ करेक्शन देखने को मिला है और इसका कारण मुनाफावसूली रहा है। एफओएमसी मिनट्स रीडिंग में रेट कट टाइमलाइन में अनिश्चितता का पता चलने के बाद रातों-रात अमेरिकी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए। यूएस फेड के पॉलिसी मेकर्स ने कहा है कि दरों में पिछले महीने अनुमान से अधिक समय तक कोई बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। हालांकि उनका कहना है कि वर्ष समाप्त होने से पहले दरों में कटौती हो सकती है। घरेलू बाजार की बात करें तो ट्रेडर्स की नजर इंडिया इंक के अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (Q3FY24) के नतीजों पर भी है।

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