पूरे देश में 5G लागू करने के लिए टेलीकॉम कंपनियां अपने-अपने स्तर पर पुरजोर प्रयास कर रही हैं। पिछले साल अक्टूबर के बाद कई सर्किल्स में कंपनियों ने 5जी सेवाएं उपलब्ध कराई है। लेकिन ऐसा लग रहा है कि आने वाले दिनों 5जी सेवाएं भी 4जी की तर्ज पर पुरानी मानी जाने लगेंगी। इसका कारण ये है कि अब देश 5G के बाद 6G की तरफ बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज भारत 6G विजन डॉक्यूमेंट लॉन्च किया है। 6G विजन डॉक्यूमेंट लॉन्च करते हुए PM मोदी ने कहा कि ये Decade भारत का Tech-ade है। भारत का टेलीकॉम और डिजिटल मॉडल स्मूथ, सिक्योर, ट्रांसपैरेंट, ट्रस्टेड और टेस्टेड है। ये उद्गार पीएम मोदी ने नई दिल्ली में ITU एरिया ऑफिस और इनोवेशन सेंटर (ITU Area Office & Innovation Centre) के उद्घाटन के मौके पर कहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल अगस्त में स्मार्ट इंडिया हैकेथॉन के खत्म होने पर कहा था कि सरकार 6G लॉन्च करने की तैयारी में लग गई है। ये इस दशक के अंत तक लॉन्च भी हो जायेगा। पीएम युवाओं और इनोवेटर्स को इस मौके का फायदा उठाने के लिए कहा था। उन्होंने उनसे नए सॉल्यूशन्स खोजने की अपील की थी।
विजन डॉक्यूमेंट में 6G मिशन और एपेक्स काउंसिल शामिल
दो चरणों में होंगी 6G सेवाएं
असीम ने आगे कहा कि 6G सेवाओं के लिए दो चरणों में तैयारियां होंगी। पहला चरण 2023-2025 के बीच होगा। इसमें मानक तय होंगे। जबकि दूसरा चरण 2025-30 के बीच होगा। इसमें इकोसिस्टम बनेगा। इसके अलावा स्टार्टअप के जरिए 6G सेवाओं में क्रांति लाने की कोशिश की जायेगी। सरकार 5G और 6G सेवाओं के लिए पेटेंट्स में भी मदद करेगी। इसके साथ ही सरकार उत्पाद और सॉल्यूशन बनाने में घरेलू कंपनियों की मदद करेगी।
बता दें कि भारत में 5G सर्विस पिछले साल 1 अक्टूबर को लॉन्च हुई थी। दूरसंचार विभाग को 5G स्पेक्ट्रम नीलामी में 1.50 लाख करोड़ रुपये की बोली मिली थी।