बाजार में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट रही। आज के कारोबार में मेटल, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। इसके अलावा IT और इंफ्रा इंडेक्स में भी दबाव रहा। निफ्टी 66 प्वाइंट टूटकर 15,749 तो सेंसेक्स 185 प्वाइट गिरकर 52,550 पर बंद हुआ। हालांकि आज फार्मा, FMCG,शुगर और फर्टिलाइजर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी बैंक 349 प्वाइंट गिरकर 35,010 पर बंद हुआ। वहीं,मिडकैप 135 प्वाइंट गिरकर 26,901 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 35 शेयरों में गिरावट रही। सेंसेक्स के 30 में से 18 शेयरों पर दबाव रहा। निफ्टी बैंक के 12 में से 11 शेयरों में गिरावट रही।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एशियाई बाजारों में आ रही कमजोरी के चलते भारतीय बाजारों में भी आज इसकी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
Geojit Financial Services के विनोद नायर का कहना है कि कोरोना के चलते दबाव से गुजर रहे सेक्टरों के लिए सरकार की तरफ से आए राहत पैकेज के बावजूद एशिया में कोरोना के नए मामलों के बढ़ने की वजह से भारतीय बाजारों में आज कमजोरी आती दिखी।
उन्होंने आगे कहा कि MSMEs के लिए इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी स्कीम को विस्तार देने और छोटे लोन धारकों के लिए सब्सिडाइज्ड फाइनेंसिंग से माइक्रोफाइनेंश और एनबीएफसी सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच आज हेल्थकेयर सेक्टर आज सरकार के कल के राहत एलानों के चलते हरे निशान में बंद हुआ।
बाजार में बुधवार को क्या हो निवेश रणनीति
Motilal Oswal Financial Services के चंदन तपड़िया का कहना है कि निफ्टी ने आज डेली स्कैल पर स्मॉल बॉडीड बुलिश कैंडल बनाया और दूसरी सबसे बड़ी डेली क्लोजिंग दी। इसने एक बियरिश कैंडल बना दिया है औऱ कम से कम 3 कारोबारी सत्रों में अपने हायर लोज फॉर्मेशन को नकार दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर निफ्टी को 15,900 औऱ 16,000 के जोन में जाना है तो उसको 15700 के ऊपर टिके रहना होगा। नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 15,600 और 15,500 के जोन में सपोर्ट है।
Sharekhan के गौरव रत्नपारखी का कहना है कि 29 जून को निफ्टी में कंसोलिडेशन का दौर जारी रहा। जिसके चलते डेली Bollinger Bands में और संकुचन आता दिखा। नीचे की तरफ निफ्टी अपने 20DMA पर पहुंच चुका है। पिछले हफ्ते से आई हल्की गिरावट में निफ्टी को इस अहम शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज के करीब सपोर्ट मिला था। उसके बाद उसमें बाउंस बैक आया था। एक बार फिर इसी तरह की उम्मीद है।
निफ्टी के लिए 15,673 का स्तर नियर टर्म सपोर्ट का काम करेगा। वहीं दूसरी तरफ 15,915 का स्विंग हाई निफ्टी के लिए बैरियर का काम करेगा। जिस पर नजर रखने की जरूरत है। बाजार के ओवर ऑल स्ट्रंक्चर से इस बात का संकेत मिलता है कि यह कंसोलिडेशन का दौर हमें खरीदारी का मौका दे रहा है। हमें आगे निफ्टी में और बड़े स्तर देखने को मिल सकते हैं।
LKP Securities के रोहित सिंगरे का कहना है कि ऑवर्ली चार्ट पर निफ्टी ने एक स्माल डबल टॉप पैटर्न बना लिया है। जिसकी नेक लाइन 15,600 के स्तर के आसपास स्थित है। यह लेवल निफ्टी के लिए आने वाले कारोबारी सत्रों में अहम सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी इसके नीचे फिसलता है तो फिर हमें और कमजोरी आती दिखेगी। वहीं निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ 15,800-15,900 के जोन में रजिस्टेंस है। अगर निफ्टी रजिस्टेंस को तोड़ देता है तो इसमें और तेजी देखने को मिलेगी।
Choice Broking के सुमित बगाड़िया का कहना है कि अहम टेक्निकल इंडीकेटर निफ्टी के लिए नेगेटिव संकेत दे रहे हैं। वर्तमान में निफ्टी के लिए 15,900 के लेवल पर रजिस्टेंस नजर आ रहा है। वहीं नीचे की तरफ इसके लिए 15,650 पर सपोर्ट नजर आ रहा है।
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