सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयरों में बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह करीब तीन महीने में सबसे तेज स्पीड से नीचे फिसल गया। यह दबाव ऐसे समय में आया है, जब एंथ्रॉपिक पीबीसी (Anthropic PBC) और चैटजीपीटी (ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई (OpenAI) ने डेवलपर्स से सुरक्षा कारणों से एआई डेवलपमेंट की स्पीड सुस्त करने को कहा है। इसके चलते जापान के टेक इंवेस्टर सॉफ्टबैंक (SoftBank) को लेकर मार्केट की चिंता बढ़ गई और धड़ाधड़ इसके शेयरों की बिक्री बढ़ गई। जापान के मार्केट में इसके शेयर आज सोमवार 14 सितंबर को 13% से अधिक टूट गए जोकि जून के आखिरी दिनों के बाद से इसके लिए सबसे बड़ी गिरावट है।
SoftBank को क्यों लगा झटका
एआई की रफ्तार सुस्त करने की अपील ने सॉफ्टबैंक के शेयरों को तगड़ा झटका दिया है। इसकी वजह ये है कि एआई इंडस्ट्री में निवेश के लिए सॉफ्टबैंक लगातार ताबड़तोड़ कर्ज ले रहा है और यह ओपनएआई के सबसे बड़े निवेशकों में शुमार है। इसमें सॉफ्टबैंक का कुल निवेश अक्टूबर तक करीब $6.5 हजार करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि सॉफ्टबैंक के फाउंडर मासायोशी सोन (Masayoshi Son) के एआई की संभावनाओं पर अत्यधिक भरोसे को लेकर अब निवेशक चिंता जता रहे हैं। मासायोशी ने अरबों डॉलर के कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, लेकिन रेवेन्यू कितना मिलेगा, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने 'एआई बबल' की आशंकाओं को खारिज कर दिया है लेकिन इस आक्रामक रणनीति के चलते सॉफ्टबैंक भारी-भरकम वोलैटिलिटी के रिस्क में आ गई है।
क्या है सॉफ्टबैंक की योजना?
सॉफ्टबैंक की योजना ¥1 ट्रिलियन ($6.5 बिलियन) यानी ₹62 हजार करोड़ से अधिक के रिटेल बॉन्ड जारी करने की है। इसके अलावा ओपनएआई के शेयरों से जुड़े करीब $1000 करोड़ के लोन हासिल करने की है। यह एबीबी रोबोटिक्स और डिजिटलब्रिज जैसी कंपनियों के अधिग्रहण के लिए फंड जुटा रही है। सॉफ्टबैंक की योजना दुनिया भर में डेटा सेंटर बनाने की भी है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।