AI के अलावा भी उभरते बाजारों में मौके, भारत को मिल सकता है फायदा: BNP Paribas

निवेश के मौके अब सिर्फ AI से जुड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं हैं। BNP Paribas के मुताबिक, उभरते बाजारों में नॉन-टेक कंपनियों की कमाई के अनुमान भी सुधर रहे हैं। इससे भारत को फायदा मिल सकता है। जापान में भी निवेश का गणित बदल रहा है।

अपडेटेड Sep 09, 2026 पर 5:38 PM
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मॉरिस ने कहा कि अगर उभरते बाजारों में निवेश बढ़ता है तो भारत को इसका फायदा मिल सकता है।

AI से जुड़े शेयरों में तेजी ने दुनियाभर के बाजारों का ध्यान खींचा है। लेकिन अब तस्वीर थोड़ी बदल रही है। निवेश के मौके सिर्फ AI तक सीमित नहीं रह गए हैं। उभरते बाजारों में दूसरी कंपनियों में भी कमाई के अनुमान बेहतर हो रहे हैं। इसका फायदा भारत को भी मिल सकता है।

यह कहना है BNP Paribas Asset Management के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट और इन्वेस्टमेंट इनसाइट्स सेंटर के को-हेड डेनियल मॉरिस (Daniel Morris) का।

इमर्जिंग मार्केट्स पर ओवरवेट BNP Paribas


मॉरिस के मुताबिक, BNP Paribas इमर्जिंग मार्केट्स यानी उभरते बाजारों को लेकर ओवरवेट है। यहां सिर्फ AI से जुड़ी कंपनियों की कमाई के अनुमान बेहतर नहीं हो रहे हैं। नॉन-टेक कंपनियों के लिए भी तस्वीर सुधर रही है।

उनके मुताबिक, इससे उभरते बाजारों में निवेश के मौके ज्यादा संतुलित हो रहे हैं। भारत इस तस्वीर में नॉन-टेक हिस्से की तरफ नजर आता है। उन्होंने कहा कि AI और नॉन-टेक दोनों में मौकों का यह संतुलन पहले से बेहतर है।

भारत को मिल सकता है फायदा

मॉरिस ने कहा कि अगर उभरते बाजारों में निवेश बढ़ता है तो भारत को इसका फायदा मिल सकता है।

उनके मुताबिक, वैश्विक निवेश का माहौल भी बदल रहा है। पिछले साल निवेशकों का फोकस काफी हद तक अमेरिका पर था। अब तस्वीर ज्यादा संतुलित दिख रही है। अमेरिका के अलावा जापान और उभरते बाजारों में भी निवेश के मौके नजर आ रहे हैं।

जापान में भी बदल रहा निवेश का गणित

जापान में सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ रही है। इसका असर वहां के घरेलू निवेशकों के फैसलों पर पड़ सकता है। जापानी निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी के बजाय अपने देश के सरकारी बॉन्ड खरीद सकते हैं। इससे येन कैरी ट्रेड में कुछ कमी आ सकती है। जापान का अमेरिकी सरकारी बॉन्ड में लगा पैसा भी कुछ हद तक वापस घरेलू बाजार में जा सकता है।

हालांकि, मॉरिस को इससे अमेरिकी ट्रेजरी बाजार में बड़ी उथल-पुथल की उम्मीद नहीं है। उनके मुताबिक, इसे बाजार में पैसे के एक हिस्से के दूसरी जगह जाने के तौर पर देखना चाहिए। उन्होंने इसे रीबैलेंसिंग बताया है।

मजबूत येन का जापानी शेयरों पर असर

मजबूत येन का जापानी शेयर बाजार पर मिला-जुला असर हो सकता है। कमजोर येन का फायदा जापानी कंपनियों को लंबे समय से मिलता रहा है।

खासकर निर्यात पर निर्भर कंपनियों को कमजोर येन से फायदा होता है। विदेशी निवेशकों को भी जापानी शेयरों में तेजी के साथ करेंसी से फायदा मिल सकता है। ऐसे में येन मजबूत होने पर जापानी कंपनियों और विदेशी निवेशकों के लिए यह फायदा कुछ कम हो सकता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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