अमूल ने हासिल किया एक बड़ा मुकाम, पहली बार कंपनी का टर्नओवर 1 लाख करोड़ रुपए के पार

अमूल ने वित्त वर्ष 2026 में प्रति दिन 3.1 करोड़ लीटर दूध की प्रोसेसिंग की है। कंपनी के नेटवर्क में 36 लाख किसान शामिल है। कंपनी इस अवधि में 2400 करोड़ पैकेट दूध की बिक्री की है। अमूल के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 12000 से ज्यादा प्रोडक्ट शामिल हैं

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 5:02 PM
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अमूल के पास देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है। जिसका इसे फायदा मिला है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का GCMMF रेवेन्यू 73450 करोड़ रुपए और कुल ब्रांड स्केल 1 लाख करोड़ रुपए रहा है

देश की जानी-मानी मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी अमूल ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। पहली बार कंपनी का टर्नओवर 1 लाख करोड़ रुपए के पार चला गया है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 11 फीसदी की शानदार ग्रोथ हासिल की है। अमूल का को-ऑपरेटिव मॉडल दूसरी प्राइवेट कंपनियों पर भारी पड़ा है। दूध की शक्ति ही अमूल की समृद्धि का मूल मंत्र बन गई है। अमूल 1 लाख करोड़ रुपए का टर्नओवर हासिल करने वाली भारत की पहली FMCG कंपनी बन गई है।

HUL और AWL एग्री को भी छोड़ा पीछे

कंपनी के पास देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है। जिसका इसे फायदा मिला है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का GCMMF रेवेन्यू 73450 करोड़ रुपए और कुल ब्रांड स्केल 1 लाख करोड़ रुपए रहा है। इस अवधि में 2026 में अमूल की कमाई 100000 करोड़ रुपए से ज्यादा रही है। दूसरी कंपनियों से तुलना करें तो इस अवधि में AWL एग्री की कमाई 63672 करोड़ रुपए, HUL की कमाई 60573 करोड़ रुपए, पतंजलि फूड्स की कमाई 33758 करोड़ रुपए और ITC की कमाई 22015 करोड़ रुपए रही है।


ब्रांड अमूल,ग्रोथ भरपूर

अमूल ने वित्त वर्ष 2026 में प्रति दिन 3.1 करोड़ लीटर दूध की प्रोसेसिंग की है। कंपनी के नेटवर्क में 36 लाख किसान शामिल है। कंपनी इस अवधि में 2400 करोड़ पैकेट दूध की बिक्री की है। अमूल के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 12000 से ज्यादा प्रोडक्ट शामिल हैं। इसके ग्लोबल पहुंच की बात करें तो 50 से ज्यादा देशों में कंपनी को प्रोडक्ट बिकते हैं।

अमूल के अधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि को-ऑपरेटिव मॉडल की ताकत और पूरे भारत में लाखों डेयरी किसानों के योगदान को दर्शाती है। GCMMF के चेयरमैन अशोकभाई चौधरी ने कहा, "1 लाख करोड़ रुपये का ब्रांड टर्नओवर पार करना,लाखों उपभोक्ताओं के भरोसे और हमारे 36 लाख डेयरी किसानों की अथक मेहनत का प्रमाण है।"

कंपनी के वाइस चेयरमैन गोरधनभाई धमेलिया ने इस उपलब्धि को को-ऑपरेटिव व्यवस्था की एक पुष्टि बताया,और कहा कि "अमूल मॉडल" "आर्थिक लोकतंत्र" का प्रतिनिधित्व करता है तथा इसे राष्ट्रीय स्तर पर भी लागू किया जा सकता है।

कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जयेन मेहता ने कहा कि अमूल घरेलू बाज़ारों से बाहर भी अपना विस्तार कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अमूल "न केवल वैश्विक स्तर पर विस्तार कर रहा है, बल्कि इस बात की भी पुष्टि कर रहा है कि किसानों के स्वामित्व वाली संस्था क्या हासिल कर सकती है।"

अमूल को हाल ही में इंटरनेशनल कोऑपरेटिव अलायंस (ICA)से दुनिया की नंबर 1 सहकारी संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त की है। कंपनी ग्लोबल मार्केट में भी अपना विस्तार कर रही है। हाल ही में इसने यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में ताज़े दूध की बिक्री शुरू की है।

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