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Amwill Healthcare IPO Listing: 20% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद लोअर सर्किट, निचले स्तर पर खरीदारी के चलते जोरदार रिकवरी

Amwill Healthcare IPO Listing: ऐमविल हेल्थकेयर एक डर्मा-कॉस्मेटिक डेवलपमेंट फर्म है। इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री हुई है। चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी?

Edited By: Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Feb 12, 2025 पर 4:04 PM
Amwill Healthcare IPO Listing: 20% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद लोअर सर्किट, निचले स्तर पर खरीदारी के चलते जोरदार रिकवरी
Amwill Healthcare IPO Listing: ऐमविल हेल्थकेयर का ₹59.98 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 5-7 फरवरी तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Amwill Healthcare IPO Listing: ऐमविल हेल्थकेयर के शेयरों की आज BSE SME पर भारी डिस्काउंट पर एंट्री हुई और लिस्टिंग के बाद यह टूटकर लोअर सर्किट पर आ गया। हालांकि फिर इसमें जोरदार रिकवरी हुई लेकिन पहले कारोबारी दिन तो आईपीओ निवेशक भारी घाटे में हैं। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 111 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी 88.85 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को लिस्टिंग गेन की बजाय 19.95% का झटका लग गया।

आईपीओ निवेशकों को और शॉक तब लगा जब टूटकर यह 84.45 रुपये (Amwill Healthcare Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया। हालांकि फिर रिकवरी हुई और उछलकर यह 93.25 रुपये पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 15.99% घाटे में हैं।

Amwill Healthcare IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

ऐमविल हेल्थकेयर का ₹59.98 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 5-7 फरवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 5.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 7.8 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 5.66 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 4.77 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 48.88 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 10 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, मार्केटिंग और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

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