एनालिस्ट्स ने Nifty 50 के 18,900 पर पहुंच जाने की उम्मीद जताई, बताई ये वजहें

कुछ टेक्निकल एनालिस्ट्स का कहना है कि मार्केट की मौजूदा स्थिति साल 2013, साल 2016 और साल 2018 जैसी दिख रही है। इन तीनों सालों में हायर बेस फॉर्मेशन तीन से चार महीनों में नीचे आ गए। उसके बाद की तिमाही में मार्केट ने नए हाई बनाए

अपडेटेड May 31, 2023 पर 2:12 PM
आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस बाजार में गिरावट के हर मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए करना समझदारी है।

कहते हैं कि इतिहास खुद को दोहराता है। मार्केट के मामले में इतिहास खुद को दोहराता दिख रहा है। कुछ टेक्निकल एनालिस्ट्स का कहना है कि मार्केट की मौजूदा स्थिति साल 2013, साल 2016 और साल 2018 जैसी दिख रही है। इन तीनों सालों में हायर बेस फॉर्मेशन तीन से चार महीनों में नीचे आ गए। उसके बाद की तिमाही में मार्केट ने नए हाई बनाए। अभी मार्केट में ऐसी ही स्थिति दिख रही है। ICICI Direct के एनालिस्ट्स का कहना है कि चार महीनों की गिरावट के बाद प्रमुख सूचकांकों में पिछले दो महीनों में तेजी आई है। Sensex और Nifty अपने ऑल-टाइम हाई के काफी करीब पहुंच गए हैं।

आईसीआईसीआई डायरेक्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस बाजार में गिरावट के हर मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए करना समझदारी है। आने वाले महीनों में निफ्टी 18,900 की तरफ बढ़ने की कोशिश करेगा। एनालिस्ट्स का कहना है कि मंथली चार्ट पर हायर पीक बनता दिख रहा है। इससे निफ्टी के 17,800 के सपोर्ट बेस में भी बदलाव देखने को मिलेगा। 30 मई को निफ्टी 50 में दोपहर से पहले थोड़ी तेजी दिखी थी। इसका ऑल-टाइम हाई 18,887.60 है।

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Bank Nifty 29 मई को ऑल-टाइम हाई 44,483.35 पर पहुंच गया था। आईसीआईसीआई डायरेक्ट के एनालिस्ट्स का कहना है कि बैंक निफ्टी में तेजी जारी रहने की उम्मीद है। इसके 45,400 के लेवल की तरफ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि यह दिसंबर 2022-मार्च 2023 के बीच आई गिरावट का 123.6 फीसदी एक्सटेंशन है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि सिर्फ 8 हफ्तों में 15 फीसदी की तेजी के बाद 93 की रीडिंग के साथ stochastic ओवरबॉट टेरीटरी में है। इसलिए 44,200-42,500 की रेंज में यह थोड़ा सुस्ता सकता है। इसे निगेटिव नहीं माना जाना चाहिए। इसके बदले हर गिरावट के मौके का इस्तेमाल खरीदारी के लिए किया जाना चाहिए।

एनालिस्ट्स का यह भी कहना है कि Nifty Midcap 100 18 महीने की अपनी कंसॉलिडेशन रेंज से बाहर निकलने के लिए तैयार है। इससे स्ट्रक्चरल अपट्रेंड का संकेत मिलता है। पिछले कुछ महीनों में स्मॉलकैप और मिडकैप में अच्छी तेजी दिखी है, क्योंकि इनवेस्टर्स को इनमें कमाई के मौके दिख रहे हैं। कमोडिटी की कीमतों में तेजी, सप्लाई चेन में बाधा जैसी ज्यादातर चिंताएं अब खत्म होती दिख रही हैं। इससके आउटलुक बेहतर दिख रहा है।

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