ट्रेडिंग के लिए एक और एक्सचेंज की तैयारी, BSE और NSE के बाद अब आ रहा है मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज

एक्सपर्ट्स का कहना है कि BSE और NSE को टक्कर देना मुश्किल है। दोनों एक्सचेंज की पकड़ मजबूत है। इनको चुनौती देना मुश्किल है। F&O में सेबी के नियम MSE की मुश्किल बढ़ाएंगे। सेबी नियमों के तहत मंगलवार और गुरुवार को ही F&O एक्सपायरी होगी। निफ्टी एक्सपायरी मंगलवार को और सेंसेक्स की गुरुवार को होती है। इसलिए डेरिवेटिव्स में पकड़ बनाना MSE के लिए चुनौती होगी

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 3:42 PM
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सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक MSE के एक्सचेंज पर अगले 2 हफ्ते में ट्रेडिंग शुरू हो सकती है। दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में एक्सचेंज ने `1240 जुटाए हैं

BSE, NSE के बाद अब आपके लिए देश में तीसरे स्टॉक एक्सचेंज आने वाला है। सूत्रों के मुताबिक MSE यानि मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज (Metropolitan Stock Exchange) में ट्रे़डिंग 2 हफ्ते में शुरू हो सकती है। इसका लंबे समय से इंतजार हो रहा था। लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए MSE की खास योजना तैयार है। इसके लिए मार्केट मेकर्स की नियुक्ति की जा रही है। 130 शेयरों के लिए लिक्विडिटी देने की तैयारी है।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक MSE के एक्सचेंज पर अगले 2 हफ्ते में ट्रेडिंग शुरू हो सकती है। जानकारों का मानना है कि शुरुआती दौर में कैश सेगमेंट पर फोकस कर निवेशकों और ट्रेडर्स का भरोसा जीतने की कोशिश की जाएगी।

फंडिंग के मोर्चे पर भी MSE ने अपनी स्थिति मजबूत की है। एक्सचेंज ने दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में दो चरणों में कुल ₹1,240 करोड़ जुटाए हैं। इस फंडिंग राउंड में प्रमुख ब्रोकरेज और फिनटेक कंपनियां Groww और Zerodha भी निवेशकों के रूप में शामिल हैं, जिससे MSE की रणनीति को लेकर बाजार में भरोसा बढ़ा है।


BSE, NSE को टक्कर देना मुश्किल

इस बीच एक्सपर्ट्स का कहना है कि BSE और NSE को टक्कर देना मुश्किल है। दोनों एक्सचेंज की पकड़ मजबूत है। इनको चुनौती देना मुश्किल है। F&O में सेबी के नियम MSE की मुश्किल बढ़ाएंगे। सेबी नियमों के तहत मंगलवार और गुरुवार को ही F&O एक्सपायरी होगी। निफ्टी एक्सपायरी मंगलवार को और सेंसेक्स की गुरुवार को होती है। इसलिए डेरिवेटिव्स में पकड़ बनाना MSE के लिए चुनौती होगी।

एक्सचेंजों का मार्केट शेयर

मार्केट शेयर की बात करें तो कैश में NSE की 90-92 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं, स्टॉक F&O में इसकी 95 फीसदी और इंडेक्स F&O में 80 फीसदी हिस्सेदारी है। दूसरी तरफ कैश में BSE की 8-10 फीसदी हिस्सेदारी है। वहीं, स्टॉक F&O में इसकी 5 फीसदी और इंडेक्स F&O में 20 फीसदी हिस्सेदारी है।

 

 

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