Apsis Aerocom IPO Listing: प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी एप्सिस ऐरोकॉम के शेयरों की आज NSE SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे 129 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹110 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹153.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 39.09% का लिस्टिंग गेन (Apsis Aerocom Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹160.65 (Apsis Aerocom Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 46.05% मुनाफे में हैं।
Apsis Aerocom IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एप्सिस ऐरोकॉम का ₹36 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 11-13 मार्च तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 129.33 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 99.96 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 236.61 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 100.24 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 32.52 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹27.02 करोड़ मशीनरी की खरीदारी और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Apsis Aerocom के बारे में
वर्ष 2022 में बनी एप्सिस ऐरोकॉम प्रिसिजन इंजीनियरिंग के काम में है। यह ऐरोस्पेस, डिफेंस और हेल्थकेयर इंडस्ट्रीज से जुड़ी कंपोनेंट्स को बनाती है और सर्विसेज ऑफर करती है। देश में इसका कारोबार कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र में फैला हुआ है तो देश के बाहर अमेरिका, नीदरलैंड्स, स्पेन और इजरायल में भी इसकी मौजूदगी है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1.03 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.55 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹6.64 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 40% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹20.57 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹3.12 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹13.70 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹2.33 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹4.89 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।