Asian stocks : अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले एशियाई शेयर बाजारों को दिशा पकड़ने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जबकि अमेरिका-चीन ट्रे़ड वार्ता में हल्की प्रगति से भी सेंटीमेंट में कोई सुधार नहीं हुआ है। जापान के शेयर बाज़ार में बुधवार को उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जबकि दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ार सपाट दिख रहे हैं। उधर अमेरिका में एसएंडपी 500 इंडेक्स के छह दिनों की तेज़ी थमती दिखी है।
पिछले कारोबारी सत्र में एक महीने में सबसे ज़्यादा उछाल के बाद, शुरुआती एशियाई कारोबार में ट्रेजरी शेयर सपाट दिख रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यूक्रेन के साथ युद्धविराम समझौता न होने पर रूस पर और शुल्क लगाने की बात दोहराए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में छह हफ़्तों में सबसे बड़ी बढ़त देखने को मिली है।
अमेरिका और चीन टैरिफ युद्ध विराम समझौते के बनाए रखने और ट्रेड डील पर बातचीत जारी रखने के लिए सहमत हो गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप इस समय सीमा में किसी भी विस्तार पर अंतिम फ़ैसला लेंगे। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि इस समय सीमा में अतिरिक्त 90 दिन जोड़ना एक विकल्प है।
अमेरिका-यूरोपीय संघ टैरिफ समझौते पर मिली सुस्त प्रतिक्रिया की तरह ही बीजिंग के साथ बातचीत में हुई प्रगति के ताज़ा संकेतों ने भी निवेशकों के मूड पर बहुत ज्यादा असर नहीं डाला है। इसके अलावा बुधवार के आने वाला फेड का फ़ैसला और शुक्रवार की अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट भी बाजार पर असर दिखाएगी। इसके अलावा अगले दो दिनों में चार दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां भी अपने नतीजें पेश करेंगी।
इस बीच, ट्रंप ने कहा है कि भारत पर 20 से 25 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है। लेकिन उन्होंने यह भी आगाह किया है कि अंतिम टैरिफ अभी तय नहीं हुआ है। दोनों देश 1 अगस्त की समय सीमा से पहले हो सकने वाले किसी व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं।