Asian Market Today: लगातार छठे दिन चढ़े एशियाई बाजार, टेक शेयरों में तेजी और गिरती क्रूड की कीमतों से मिला सपोर्ट

Asian Market Today: बुधवार, 23 सितंबर को एशियाई शेयरों में लगातार छठे दिन तेजी देखने को मिली। एशिया बाजारों में आई यह तेजी वॉल स्ट्रीट पर AI चिप बनाने वाली कंपनियों की रैली और तेल की कीमतों में और गिरावट के कारण देखने को मिली है

अपडेटेड Sep 23, 2026 पर 7:34 AM
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यह बढ़त अमेरिका में रात भर चले मजबूत सेशन के बाद हुई, जहां नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) 0.8% चढ़कर जून के बाद पहली बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।

Asian Market Today: बुधवार, 23 सितंबर को एशियाई शेयरों में लगातार छठे दिन तेजी देखने को मिली। एशिया बाजारों में आई यह तेजी वॉल स्ट्रीट पर AI चिप बनाने वाली कंपनियों की रैली और तेल की कीमतों में और गिरावट के कारण देखने को मिली है। इस बीच पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई थीं।

MSCI के एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.4% की बढ़त हुई, जिसमें दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया सबसे आगे रहे। दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) में 1.26% की ज़बरदस्त बढ़त हुई, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.3% की शुरुआती बढ़त के संकेत मिले।

जापान में तीन दिन की छुट्टियों (बुज़ुर्गों के सम्मान का दिन, नागरिकों की छुट्टी और शरद विषुव दिवस) के कारण ट्रेडिंग बंद रही। वहां बाजार गुरुवार को फिर से खुलेंगे।


यह बढ़त अमेरिका में रात भर चले मजबूत सेशन के बाद हुई, जहां नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) 0.8% चढ़कर जून के बाद पहली बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 2% से ज़्यादा की उछाल आई, जिससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना। मेटा प्लेटफॉर्म्स के साथ अपने 'म्यूज़ AI' (Muse AI) प्रोडक्ट को लेकर पार्टनरशिप की घोषणा के बाद शॉपिफ़ाई (Shopify) के शेयरों में 7.1% की तेज़ी आई।

वहीं भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन के लिए कैसे खुल सकता है ) ने गिरावट के साथ धीमी शुरुआत का संकेत दिया।

जापानी येन 157.45 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6964 के आसपास लगभग अपरिवर्तित रहा।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, तेल की कीमतों में नरमी शेयरों को सहारा देने में अहम भूमिका निभा रही है, क्योंकि सस्ता कच्चा तेल महंगाई की चिंताओं को कम करता है और बॉन्ड यील्ड पर दबाव घटाता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेड टेंशन (व्यापारिक तनाव) पर किसी भी हलचल के लिए ट्रेडर्स इस हफ़्ते डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच होने वाली बैठक पर भी नजर रखे हुए थे।

बुधवार को ब्रेंट क्रूड में और गिरावट आई। यह $98 प्रति बैरल तक गिरा और फिर थोड़ी रिकवरी के साथ $99 के आसपास बंद हुआ। इससे इसकी गिरावट का सिलसिला छह सेशन तक खिंच गया और गिरावट 9% से ज़्यादा हो गई। यह अगस्त 2025 के बाद से गिरावट का सबसे लंबा दौर था, जब अमेरिका ईरान पर इज़राइली हमलों में शामिल हुआ था।

नवंबर डिलीवरी के लिए US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) फ्यूचर्स 1.1% गिरकर $89.56 पर आ गया, जो $90 के स्तर से नीचे है। तेल की कीमतों में गिरावट तब आई जब ईरान ने एक हफ़्ते के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया, और सऊदी अरब ने कहा कि उसे अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को कुछ ही दिनों में चालू करने की उम्मीद है। यह पाइपलाइन जलडमरूमध्य से होकर नहीं गुज़रती और इसकी क्षमता 7 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। पहले हुए हमलों के कारण यह पाइपलाइन बंद हो गई थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उम्मीद जगाते हुए कहा कि अमेरिकी और ईरानी दूतों के बीच हुई बैठक "बहुत फ़ायदेमंद" रही और पुष्टि की कि आगे भी बातचीत होगी। यह सब तब हुआ जब इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण में उन्होंने ईरान को "पूरी तरह नष्ट" करने की धमकी दी थी।

 

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