Asian Market Today: सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में थोड़ी गिरावट देखी गई। हफ़्ते की शुरुआत में निवेशकों का ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर था। इस दौरान Nvidia की कमाई और US फ़ेडरल रिजर्व के सालाना सिम्पोज़ियम जैसी अहम घटनाओं पर सबकी नजर थी।
MSCI का व्यापक एशिया-पैसिफ़िक इंडेक्स 0.1% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स, जिसे अक्सर AI-संबंधित निवेश का पैमाना माना जाता है, 1.66% नीचे आया। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.49% गिरा, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.16% की बढ़त हुई। वहीं, हैंग सेंग फ़्यूचर्स 0.5% नीचे थे।
रविवार रात स्टॉक फ़्यूचर्स में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक एक कमज़ोर हफ़्ते के बाद वापसी की कोशिश कर रहे थे। यह कमज़ोरी मुख्य रूप से ट्रेज़री यील्ड में तेज़ी से हुई बढ़ोतरी के कारण आई थी।
डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ़्यूचर्स 44 अंक या 0.1% गिरे, जबकि S&P 500 फ़्यूचर्स में 0.1% की गिरावट आई। नैस्डैक-100 फ़्यूचर्स 0.2% नीचे आए। पिछले हफ़्ते, डाऊ में 0.8% की गिरावट आई, जिससे लगातार दूसरे हफ़्ते इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। वहीं, S&P 500 और नैस्डैक में क्रमशः 1.4% और 2% की गिरावट आई, जिससे उनकी तीन हफ़्ते की बढ़त का सिलसिला थम गया।
ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट सोमवार को ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की घोषणा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। उन्होंने इसे इतिहास में "समन्वित आर्थिक अलगाव" (coordinated economic isolation) के सबसे बड़े अभियान का हिस्सा बताया है।
यह घोषणा US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले हफ़्ते दिए गए उस बयान के बाद हो रही है जिसमें उन्होंने कहा था कि वॉशिंगटन ईरान के ख़िलाफ़ "किसी भी देश के ख़िलाफ़ अब तक की सबसे ज़बरदस्त आर्थिक कार्रवाई" करेगा।
सोमवार को तेल की कीमतों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई क्योंकि निवेशकों ने ईरान पर और प्रतिबंधों के बारे में वॉशिंगटन की संभावित घोषणा से पहले मुनाफ़ा वसूली की। इन प्रतिबंधों से मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है।
सोमवार को सोने की कीमतों में तेजी जारी रही और यह तीन महीने से ज़्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। निवेशक अमेरिका में महंगाई के आँकड़ों और इस हफ़्ते के आखिर में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण का इंतज़ार कर रहे थे।
स्पॉट गोल्ड 0.7% बढ़कर $4,636.34 प्रति औंस हो गया, जो 15 मई के बाद का इसका सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, US गोल्ड फ़्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,694.80 पर पहुंच गया।
पिछले हफ़्ते US ट्रेज़री के बायबैक सपोर्ट प्लान से डॉलर पर दबाव पड़ने के बाद सोने की कीमतों में 5% से ज़्यादा की उछाल आई थी।
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