Asian Markets: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्ते के संघर्ष-विराम पर सहमति बनने के बाद तेल की कीमतों में लगभग छह सालों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इसके चलते शेयर बाज़ारों में तेज़ी आई है। इस सहमति से मध्य-पूर्व के संघर्ष के कारण बाज़ारों में मची उथल-पुथल से कुछ राहत मिली है। इस खबर के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI क्रूड)में 19% तक की गिरावट आई है। ईरान और अमेरिका के इस कदम से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल की सप्लाई फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी। ईरान ने कहा है कि इस दौरान इस जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में भी 16% तक की गिरावट देखने को मिली है।
MSCI का एशियाई स्टॉक बेंचमार्क 2.6% ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, वॉल स्ट्रीट की बात करें तो यहां इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स 2% से ज़्यादा भागे हैं। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि तेल की कम कीमतें महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक विकास को फिर से पटरी पर लाने में मदद करेंगी। इससे बाजार को सपोर्ट मिला है। यूरोपीय स्टॉक फ्यूचर्स में भी 5% की तेज़ी आई है। उधर संघर्ष के दौरान सुरक्षित निवेश का पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा डॉलर इंडेक्स 0.6% गिर गया है। जबकि, ट्रेजरी बॉन्ड में तेज़ी आई है, क्योंकि ट्रेडर्स को लगता है कि फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई है।
इस युद्धविराम के प्रस्ताव से उन लोगों में जोखिम की भावना फिर से जागृत हो रही है जो छह सप्ताह पहले युद्ध शुरू होने के बाद से उथल-पुथल के दौर में थे। इस असमंजस के कारण शेयर बाजार में गिरावट आई और कई इंडेक्सों में करेक्शन हुआ था। ईरान पर बमबारी बढ़ाने की ट्रंप की धमकी से कुछ ही घंटे पहले की गई इस युद्ध विराम की घोषणा से तेल बाजारों में सप्लाई का संकट कुछ कम हुआ है। इससे महंगाई संबंधी चिंताएं भी कम हुई हैं और केंद्रीय बैंकों पर लंबे समय तक सख्ती बनाए रखने का दबाव कम हुआ है।
बाजार में जल्दी करने से बचने की सलाह
टोक्यो में सुमितोमो मित्सुई ट्रस्ट एसेट मैनेजमेंट के चीफ स्ट्रेटेजिस्ट हिरोयुकी उएनो ने कहा कि फिलहाल,बाज़ारों के लिए यह राहत की बात है। हालात शांत हो गए हैं।लेकिन,यहां से सब कुछ ठीक-ठाक ही चलेगा,इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसलिए निवेशकों को जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए।
ट्रंप ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर इस समझौते की घोषणा की। यह घोषणा पाकिस्तान द्वारा वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के कुछ घंटों बाद की गई। इस समझौते से दोनों पक्षों को युद्ध समाप्त करने के लिए एक दीर्घकालिक समझौते पर पहुंचने का समय मिल गया है।
सिडनी में विल्सन एसेट मैनेजमेंट के फंड मैनेजर मैथ्यू हॉप्ट ने कहा कि दूसरे विकल्पों को देखते हुए यह एक अच्छा नतीजा है,क्योंकि इससे कुछ कर दिखाने की इच्छा शक्ति ज़ाहिर होती है इससे यह उम्मीद भी दिख रही है कि हम सबसे बुरे हालात से बच गए हैं।
बाजार में जारी रहेगी उथल-पुथल
ट्रंप की शुरुआती पोस्ट के बाद,यह साफ़ नहीं था कि तनाव कम करने का कोई रास्ता मिल पाएगा या नहीं। किसी संभावित समझौते की पूरी शर्तें ज़ाहिर नहीं की गईं हैं। ट्रंप ने सिर्फ़ इतना कहा है कि अमेरिका को ईरान से 10-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है जिसे उन्होंने बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार बताया है।
ऐसे में एट ग्लोबल मार्केट्स (AT Global Markets) के चीफ मार्केट एनालिस्ट निक ट्विडेल ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखें कि किसी भी नई खबर पर हमें अभी भी बाजार में और ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। बाज़ारों के लिए ये बड़े बदलाव हैं,जिनसे आज और ज़्यादा उतार-चढ़ाव आने की संभावना है।
एशियाई इंडेक्सों पर एक नजर
गिफ्ट निफ्टी 677.50 अंक यानी 2.84 फीसदी की तेजी के साथ 23,815 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, जापान के निक्केई में 5.09 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। स्ट्रेट टाइम्स भी 0.74 फीसदी की तेजी दिखा रहा है। हैंग सेंग में 2.47 फीसदी और ताइवानी बाजार में 4.30 फीसदी की तेजी दिख रही है। कोस्पी तो करीब 6 फीसदी भाग गया है। वहीं, शांघाई कंपोजिट में 1.48 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।
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