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Asian markets:ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर पर जताई सहमति,एशियाई बाजारों में चौतरफा हरियाली

Asian markets: यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने ईरान पर बमबारी रोकने पर सहमति जताई है। इसके चलते वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI क्रूड) में 19% तक की गिरावट देखने को मिली है। इससे दुनिया भर के बाजारों में जोश आ गया है। ट्रंप के इस कदम से होर्मुज़ स्ट्रेट के रास्ते तेल की आपूर्ति फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी

Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Apr 08, 2026 पर 8:05 AM
Asian markets:ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर पर जताई सहमति,एशियाई बाजारों में चौतरफा हरियाली
Asian Markets : गिफ्ट निफ्टी 677.50 अंक यानी 2.84 फीसदी की तेजी के साथ 23,815 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं, जापान के निक्केई में 5.09 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है

Asian Markets: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्ते के संघर्ष-विराम पर सहमति बनने के बाद तेल की कीमतों में लगभग छह सालों की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इसके चलते शेयर बाज़ारों में तेज़ी आई है। इस सहमति से मध्य-पूर्व के संघर्ष के कारण बाज़ारों में मची उथल-पुथल से कुछ राहत मिली है। इस खबर के बाद वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI क्रूड)में 19% तक की गिरावट आई है। ईरान और अमेरिका के इस कदम से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल की सप्लाई फिर से शुरू करने में मदद मिलेगी। ईरान ने कहा है कि इस दौरान इस जलमार्ग से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड में भी 16% तक की गिरावट देखने को मिली है।

MSCI का एशियाई स्टॉक बेंचमार्क 2.6% ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, वॉल स्ट्रीट की बात करें तो यहां इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स 2% से ज़्यादा भागे हैं। ट्रेडर्स को उम्मीद है कि तेल की कम कीमतें महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक विकास को फिर से पटरी पर लाने में मदद करेंगी। इससे बाजार को सपोर्ट मिला है। यूरोपीय स्टॉक फ्यूचर्स में भी 5% की तेज़ी आई है। उधर संघर्ष के दौरान सुरक्षित निवेश का पसंदीदा विकल्प बनकर उभरा डॉलर इंडेक्स 0.6% गिर गया है। जबकि, ट्रेजरी बॉन्ड में तेज़ी आई है, क्योंकि ट्रेडर्स को लगता है कि फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ गई है।

बाजार को मिली राहत

इस युद्धविराम के प्रस्ताव से उन लोगों में जोखिम की भावना फिर से जागृत हो रही है जो छह सप्ताह पहले युद्ध शुरू होने के बाद से उथल-पुथल के दौर में थे। इस असमंजस के कारण शेयर बाजार में गिरावट आई और कई इंडेक्सों में करेक्शन हुआ था। ईरान पर बमबारी बढ़ाने की ट्रंप की धमकी से कुछ ही घंटे पहले की गई इस युद्ध विराम की घोषणा से तेल बाजारों में सप्लाई का संकट कुछ कम हुआ है। इससे महंगाई संबंधी चिंताएं भी कम हुई हैं और केंद्रीय बैंकों पर लंबे समय तक सख्ती बनाए रखने का दबाव कम हुआ है।

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