Paints Stocks: Asian Paints में महंगे क्रूड के बावजूद 2% का उछाल, प्राइस हाइक ने बढ़ाई शेयरों की चमक

Asian Paints Shares: कच्चे तेल में उछाल से पेंट कंपनियों की लागत बढ़ती है जिससे शेयरों को भी झटका लगता है। हालांकि इसके बावजूद दूसरी बार प्राइस हाइक से एशियन पेंट्स के शेयरों को सपोर्ट मिला और यह उछल पड़ा। जानिए कच्चे तेल की पेंट कंपनियों के लागत में कितनी हिस्सेदारी होती है और एशियन पेंट्स्ने कितना प्राइस हाइक किया है

अपडेटेड Apr 20, 2026 पर 3:56 PM
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कच्चे तेल में उछाल के बावजूद देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स Asian Paints के शेयर आज 2% से अधिक उछल पड़े।

Paints Stocks: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे वार के चलते कच्चे तेल में उछाल और रुपए की कमजोरी ने एक बार फिर पेंट कंपनियों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। हालांकि कच्चे तेल में उछाल के बावजूद देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स के शेयर आज 2% से अधिक उछल पड़े। कच्चे तेल में तेजी से इसे झटका लगा लेकिन दूसरी बार के प्राइस हाइक ने इसे संभाल लिया और यह उछल पड़ा। फिलहाल बीएसई पर यह % की बढ़त के साथ ₹ (Asian Paints Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 2.10% उछलकर ₹2515.20 तक पहुंच गया था।

इस बार कितना दाम बढ़ा रही है Asian Paints?

क्रूड यानी कच्चे तेल के महंगे होने से पेंट कंपनियों को झटका लगता है क्योंकि इससे जुड़े प्रोडक्ट्स की पेंट कंपनियों के लागत यानी कच्चे माल में करीब 35-40% हिस्सेदारी होती है। इस कारण कच्चे तेल में उठा-पटक को लेकर पेंट सेक्टर काफी संवेदनशील होता है। टाइटेनियम ऑक्साइड के भाव लगभग स्थिर बने हुए हैं लेकिन फ्थैलिक एनहाइड्राइड और पैकेजिंग कॉस्ट बढ़ा है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी ने भी इस पर दबाव बनाया है। इससे निपटने के लिए कंपनियां दाम बढ़ा रही हैं। एशियन पेंट्स अप्रैल में अपने पोर्टफोलियो के अधिकतर प्रोडक्ट्स के दाम 6-8% बढ़ा चुकी है। अब ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के मुताबिक कंपनी ने एक बार फिर कीमतों में 3-5% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है और यह 5 मई से प्रभावी होगा।


कंपनी ने यह फैसला सप्लाई चेन में लगातार दिक्कतों के बीच उठाया है। सप्लाई चेन में दिक्कतों के चलते कच्चे माल, पैकेजिंग और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ गई है। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद मांग के मजबूत बने रहने की उम्मीद है, और वॉल्यूम पर इसका खास असर नहीं पड़ेगा। बेहतर रियलाइजेशन से आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ मार्जिन को सपोर्ट मिल सकता है। पेंट सेक्टर में कॉम्पटीशन बना हुआ है, लेकिन कीमतों को लेकर अनुशासन बना हुआ है, जिससे संकेत मिल रहा है कि कंपनियां चुनौतीपूर्ण लागत माहौल में प्रॉफिटेबिलिटी को प्राथमिकता दे रही हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

एशियन पेंट्स के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 4 दिसंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹2985.50 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से तीन ही महीने में यह 29.12% टूटकर 23 मार्च 2026 को ₹2116.00 पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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