निफ्टी मिडकैप 100 ने 7 मई को ऊंचाई का रिकॉर्ड बना दिया। यह लगातार चौथे दिन चढ़कर बंद हुआ। इसकी वजह मिडकैपव कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी है। हालांकि, लार्जकैप शेयरों पर दबाव बना हुआ है। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट दिखी।
चार सत्रों में 4 फीसदी का उछाल
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 7 मई को 62,000 को पार कर गया। बीते चार सत्रों में यह करीब 4 फीसदी चढ़ा है। गुरुवार को इस इंडेक्स के रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने में कुछ खास शेयरों का हाथ रहा। इनमे Paytm, Polycab, Bharat Forge और BHEL शामिल रहे। इन शेयरों में 8 फीसदी तक का उछाल दिखा।
इन वजहों से शेयरों आ रही तेजी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडकैप शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी की कई वजहें हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ लार्जकैप कंपनियों के मुकाबले बेहतर रही है। इससे इनवेस्टर्स इन शेयरों में अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। गुरुवार को जहां सेंसेक्स और निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव रहा वही मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक लगातार हरे निशान में बने रहे।
लार्जकैप स्टॉक्स के मुकाबले ज्याद अर्निंग्स ग्रोथ
एसबीआई सिक्योरिटीज के फंडामेंटल रिसर्च हेड सनी अग्रवाल ने कहा कि मिड और स्मॉलकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ बड़ी कंपनियों के मुकाबले अच्छी रही है। उन्होंने कहा, "फ्रंटलाइन कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ यानी 10-12 फीसदी के करीब है, जबकि मिडकैप कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ साल दर साल आधार पर 15-20 फीसदी है।"
निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडकैप शेयरों में अच्छी तेजी आई है। इसलिए इनवेस्टर्स को इनमें निवेश करने में सावधानी बरतने की जरूरत है। मास्टर कैपिटल सर्विसेज के चीफ रिसर्च अफसर डॉ रवि सिंह ने कहा, "हाल में आई तेजी से इन शेयरों की वैल्यूएशंस बढ़ गई है। हालांकि, लंबी अवधि में इन शेयरो की ग्रोथ स्टोरी में कोई बदलाव नहीं आया है। लेकिन, शॉर्ट टर्म में शेयरों में कंसॉलिडेशन या प्रॉफिट बुकिंग दिख सकती है।"
कमजोर फंडामेंटल्स वाले शेयरों में बुक कर सकते हैं प्रॉफिट
उन्होंने कहा कि इनवेस्टर्स उन शेयरों में कुछ प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं, जिनमें ज्यादा तेजी आई है। निवेशकों को मुनाफा बचाए रखने के लिए ट्रेलिंग स्टॉपलॉस का इस्तेमाल करना चाहिए। इनवेस्टर्स उन कंपनियों के शेयरों को अपने पास बनाए रख सकते हैं, जिनके फंडामेंटल्स बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। उन शेयरों में मुनाफावसूली की जा सकती है, जिनमें अर्निंग्स ग्रोथ के बगैर ज्यादा तेजी आई है। टेक्निकल एनालिस्ट्स का कहना है कि इन शेयरों में ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में कंसॉलिडेशन दिख सकता है।