अनुमान से कमजोर नतीजों के बाद इंट्राडे में 2% तक टूटे एशियन पेंट के शेयर, कंपनी मैनेजमेंट से जानिए क्या है आगे का प्लान

Asian Paints stock price : कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि चुनाव और हीटवेव की वजह से मांग पर असर देखने को मिला है। जून में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है। ग्रामीण मांग में रिकवरी के संकेत मिले है। मैसूरु प्लांट की उत्पादन क्षमता दोगुना की गई है। क्षमता 3 लाख KLPA से बढ़ाकर 6 लाख KLPA की गई है

अपडेटेड Jul 18, 2024 पर 6:45 PM
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कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि जून में रूरल और शहरी क्षेत्रों में मांग बढ़ी है। अच्छे मॉनसून में मांग बेहतर रहने की उम्मीद है

Asian Paints share price : अनुमान से कमजोर नतीजों के बाद आज एशियन पेंट में इंट्राडे में करीब दो फीसदी की गिरावट आई है। पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 25 फीसदी घटा है। मार्जिन पर भी दबाव देखने को मिला है। इस अवधि में नेट प्रॉफिट 24.63 फीसदी घटकर 1,187 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 1,574.8 करोड़ रुपये पर रहा था। रेवेन्यू 2.3 फीसदी घटकर 8,969.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 9,182.3 करोड़ रुपये था। EBITDA 20.2 फीसदी घटकर 1,693.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 2,121.3 करोड़ रुपये पर था। मार्जिन 18.9% घटकर 23.1% पर रहा है। घरेलू वॉल्यूम ग्रोथ 7 फीसदी रही (6-9% का अनुमान था) है। कोरेटिव वॉल्यूम ग्रोथ 7% और वैल्यू ग्रोथ -3% रही

मैनेजमेंट का बयान

कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा है कि चुनाव और हीटवेव की वजह से मांग पर असर देखने को मिला है। जून में अच्छी रिकवरी देखने को मिली है। ग्रामीण मांग में रिकवरी के संकेत मिले है। मैसूरु प्लांट की उत्पादन क्षमता दोगुना की गई है। क्षमता 3 लाख KLPA से बढ़ाकर 6 लाख KLPA की गई है। ऑटोमोटिव, जनरल इंडस्ट्रियल में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2025 के लिए डबल डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान है। कंपनी आगे प्रोडक्ट के दाम बढ़ा सकती है। दूसरी तिमाही में लागत 1.5 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। FY25 में मार्जिन 18 फीसदी से 20 फीसदी पर जाना संभव हैं।


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Q1 में नतीजे क्यों कमजोर रहे?

इसके जवाब में कंपनी मैनेजमेंट ने कहा कि पहली तिमाही में डिमांड की स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी। चुनाव और हीटवेव का मांग पर असर देखने को मिला है। जून से डिमांड में रिकवरी के संकेत मिले हैं। रूरल और इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने के संकेत मिले हैं। कीमतें घटाने का भी नतीजों पर असर दिखा है। 6 महीने पहले प्रोडक्ट के दाम 4 फीसदी तक घटाए गए थे।

लगातार 6 तिमाहियों से वॉल्यूम ग्रोथ कम हो रही है, क्या वजह है?

वित्त वर्ष 2024 में वॉल्यूम ग्रोथ 9 फीसदी से 9.5 फीसदी के बीच रही। चुनाव के चलते रिटेल मार्केट पर ज्यादा असर देखने को मिला। चुनाव और हीटवेव का असर पूरे कंजम्पशन सेक्टर पर पड़ा है।

कीमतें घटाने के बावजूद वॉल्यूम कम रहे, क्या ये कंपीटिशन बढ़ने का असर है?

कंपीटिशन बढ़ने का वॉल्यूम पर असर नहीं पड़ा है। पूरे पेंट सेक्टर में डिमांड कमजोर रही है। नए कंपीटिटर्स का पेंट मार्केट पर 1-2 फीसदी ही असर होगा।

क्या आपको डीलर मार्जिन बढ़ाना पड़ा है?

इसके जबाव में कंपनी मैनेजमेंट ने कहा कि प्रोडक्ट इनोवेशन, डिस्ट्रिब्यूशन पर कंपनी का फोकस है। डीलर मार्जिन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। कंपनी वॉल्यूम ग्रोथ पर फोकस कर रही है और प्रोडक्ट के दाम भी बढ़ाए है। इसकी वजह ये है कि कंपनी वॉल्यूम से ज्यादा वैल्यू पर फोकस कर रही है। लागत बढ़ने की वजह से दाम 1 फीसदी तक बढ़ाए गए हैं। जरूरत पड़ने पर और कीमतें बढ़ा सकते हैं।

वित्त वर्ष 2025 की अगली 3 तिमाही के लिए क्या गाइडेंस है, क्या आप एक और प्राइस बढ़ोतरी ले सकते हैं? इस सवाल पर कंपनी के मैनेजमेंट ने कहा कि जून में रूरल और शहरी क्षेत्रों में मांग बढ़ी है। अच्छे मॉनसून में मांग बेहतर रहने की उम्मीद है। B2B बिक्री में भी सुधार की उम्मीद है।

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